सोमवार, 13 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में पूरे दिन जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत कमजोर रही और सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 600 से अधिक अंक तक टूट गया। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ बाजार में खरीदारी बढ़ी और अंत में सेंसेक्स ने शानदार वापसी करते हुए 47.01 अंकों की बढ़त के साथ 77,616.40 पर कारोबार समाप्त किया। वहीं निफ्टी भी शुरुआती गिरावट से उबरकर 24,200 के ऊपर बंद होने में सफल रहा।
वैश्विक घटनाओं का बाजार पर रहा असर
विशेषज्ञों के अनुसार, दिन की शुरुआत में वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और महंगाई बढ़ने की आशंकाओं के कारण निवेशकों ने शुरुआत में सतर्क रुख अपनाया। हालांकि, बाद में घरेलू निवेशकों की खरीदारी और कुछ बड़े शेयरों में तेजी से बाजार ने नुकसान की भरपाई कर ली।
आईटी शेयरों ने संभाला बाजार
सोमवार के कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर ने बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। प्रमुख आईटी कंपनियों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को समर्थन मिला। दूसरी ओर, ऑटो, धातु और कुछ वित्तीय शेयरों में दबाव बना रहा। कारोबार के अंतिम घंटों में आईटी शेयरों की तेजी ने बाजार की दिशा बदल दी।
विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रही नजर
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। हाल के दिनों में विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने बाजार की धारणा को बेहतर बनाया है। इसके अलावा कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों का सीजन भी शुरू हो चुका है, जिसके कारण चुनिंदा शेयरों में अच्छी हलचल देखने को मिल रही है। आने वाले दिनों में कॉरपोरेट नतीजे बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतक और चुनिंदा क्षेत्रों में खरीदारी निवेशकों का भरोसा बनाए हुए हैं। यदि वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं और कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक आते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में आगे भी सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है। फिलहाल सोमवार का कारोबार इस बात का संकेत देता है कि बाजार में गिरावट के दौरान भी खरीदारी का रुझान बना हुआ है और निवेशकों का विश्वास पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा है।
