पंजाब के सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों को लेकर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कई अहम आंकड़े साझा किए हैं। सरकार के अनुसार, राज्य के स्कूलों में अब बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा का ढांचा भी तैयार किया जा रहा है। प्रदेश के करीब 16,000 स्कूलों में लगभग ₹2,300 करोड़ की लागत से विकास कार्य करवाए गए हैं।
99.99 फीसदी स्कूलों में बाउंड्री वॉल
सरकार के अनुसार, पंजाब के सरकारी स्कूलों में सुरक्षा और बेहतर वातावरण को प्राथमिकता दी गई है। करीब 99.99 फीसदी स्कूलों में बाहरी दीवारों का काम पूरा होने का दावा किया गया है। इसके अलावा सभी स्कूलों में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।
हर बच्चे के लिए डेस्क उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया गया है। विशेष जरूरत वाले बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उनके लिए अलग शौचालय बनाने की योजना पर भी काम जारी है।
9 हजार नए क्लासरूम और आधुनिक सुविधाएं
शिक्षा मंत्री के मुताबिक, स्कूलों में करीब 9,000 नए क्लासरूम, लैब, स्टाफ रूम और मल्टीपरपस हॉल बनाए गए हैं। 10 हजार से अधिक स्कूलों में आधुनिक इंटरएक्टिव पैनल लगाए गए हैं, जिससे कक्षा में पढ़ाई को तकनीक से जोड़ने में मदद मिल रही है।
सरकारी स्कूलों में एडवांस कंप्यूटर लैब स्थापित करने के साथ करीब 99 फीसदी स्कूलों में Wi-Fi सुविधा उपलब्ध कराने का भी दावा किया गया है। खेलों की ट्रेनिंग और सुविधाओं को भी आधुनिक बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
स्कूलों में बस और सुरक्षा व्यवस्था
सरकार के अनुसार, सरकारी स्कूलों में पहली बार बस सुविधा शुरू की गई है। 500 से अधिक विद्यार्थियों की क्षमता वाले सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में दो-दो सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। वहीं सभी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में कैंपस मैनेजर की व्यवस्था की गई है।
100 से ज्यादा विद्यार्थियों वाले स्कूलों को सफाई व्यवस्था के लिए हर महीने ₹3,000 से ₹50,000 तक फंड देने की जानकारी भी साझा की गई है।
समय पर किताबें और AI की पढ़ाई
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है। पंजाब को स्कूलों में AI को अनिवार्य विषय के तौर पर शामिल करने वाला पहला राज्य बताया गया है। शिक्षकों की ट्रेनिंग और डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकारी स्कूलों में बढ़ा विद्यार्थियों का रुझान
सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में 3.64 लाख बच्चों ने निजी स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया। वहीं पिछले चार वर्षों में सरकारी स्कूलों के 786 विद्यार्थियों ने JEE और 2,166 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा पास की है।
पंजाब में इस समय 40 कौशल शिक्षा स्कूल भी चल रहे हैं, जहां विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ रोजगार से जुड़ी स्किल्स देने पर ध्यान दिया जा रहा है।
हरजोत बैंस के अनुसार, पंजाब ने PGI Index 2.0 (2024-25) में पहला स्थान हासिल किया है। क्लासरूम लर्निंग आउटकम और परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में भी राज्य को देश में पहला स्थान मिलने का दावा किया गया है।
बाढ़ से प्रभावित स्कूलों के पुनर्निर्माण का काम भी जारी है। मंत्री के मुताबिक, राज्य में 100 से कम ऐसे स्कूल हैं जहां शहरीकरण के कारण भवन निर्माण में दिक्कतें आ रही हैं और इनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने पर काम किया जा रहा है।
