पंजाब में Special Intensive Revision (SIR) 2026 के तहत सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। इसके साथ ही प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू हो गया है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, इस कवायद का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना और अपात्र या पुराने रिकॉर्ड को हटाना है।
20.66 लाख नाम क्यों हटे?
SIR के दौरान करीब 2.14 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से 1.93 करोड़ से अधिक लोगों के गणना फॉर्म प्राप्त हुए। करीब 20.66 लाख मतदाताओं के फॉर्म नहीं मिले। इनमें लगभग 9.44 लाख लोग स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके, 5.74 लाख की मृत्यु हो चुकी, 4.12 लाख का पता नहीं चल पाया और 1.19 लाख नाम डुप्लीकेट पाए गए।
नाम नहीं है तो घबराने की जरूरत नहीं
ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि योग्य मतदाता का नाम हमेशा के लिए हट गया। ऐसे लोग 13 अगस्त से 12 सितंबर के बीच दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर Form-6 और जरूरी दस्तावेजों के जरिए अपना नाम शामिल कराने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
16 अगस्त को विशेष कैंप
मतदाताओं की मदद के लिए 16 अगस्त को पोलिंग बूथों पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। यहां लोग अपना नाम ड्राफ्ट सूची में चेक करने के साथ नाम छूटने या रिकॉर्ड में गलती होने की स्थिति में जरूरी प्रक्रिया की जानकारी ले सकेंगे।
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार दावों और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 13 अगस्त से 8 अक्टूबर तक चलेगी। इसके बाद 12 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने मतदाताओं से ड्राफ्ट सूची में अपना नाम जरूर जांचने की अपील की है।
