देशभर के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार 9 जुलाई 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे भारत को अपनी चपेट में ले लिया है। इस बार मानसून ने सामान्य समय से केवल एक दिन बाद पूरे देश को कवर किया। आमतौर पर मानसून 8 जुलाई तक पूरे भारत में पहुंच जाता है, लेकिन इस वर्ष इसकी पूर्ण प्रगति 9 जुलाई को दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में बने अनुकूल मौसम तंत्र और नमी से भरी हवाओं के कारण मानसून ने तेजी से आगे बढ़ते हुए शेष क्षेत्रों को भी कवर कर लिया।
राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में भी पूरी तरह सक्रिय
मानसून की आखिरी चरण की प्रगति राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों में दर्ज की गई। इन इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियां बढ़ रही थीं और अब पूरे क्षेत्र में मानसून सक्रिय हो चुका है। इसके साथ ही देश का कोई भी हिस्सा अब मानसून से बाहर नहीं रहा। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
आईएमडी ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा सहित कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। कई स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जून की कमी की भरपाई कर रहा जुलाई का मानसून
इस वर्ष जून के दौरान कई राज्यों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई थी, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई थी। हालांकि जुलाई की शुरुआत से मानसून ने रफ्तार पकड़ ली और कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार जुलाई में लगातार सक्रिय मानसून के कारण वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो रही है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई और जलाशयों के जलस्तर में भी सुधार देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग ने जारी की सतर्कता सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की संभावना बनी रह सकती है। वहीं किसानों के लिए यह मानसून राहत लेकर आया है, क्योंकि पर्याप्त वर्षा से धान, मक्का, सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों को अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। आने वाले दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने के संकेत हैं और कई क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है।
