पंजाब सरकार ने नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर देशभर में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की और उन्हें अगले महीने श्री आनंदपुर साहिब में होने वाले मुख्य धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने का न्योता दिया।
देशभर के नेताओं को दिया जा रहा निमंत्रण
गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत के 350 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पंजाब सरकार पूरे भारत में एकता, धार्मिक सद्भाव और मानवता का संदेश फैलाने के लिए कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित कर रही है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस पहल के तहत देश के प्रमुख नेताओं, राज्यों के मुख्यमंत्रियों और धार्मिक प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जा रहा है ताकि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर शामिल होकर गुरु साहिब की शिक्षाओं को श्रद्धांजलि दे सकें।
श्री आनंदपुर साहिब में होगा मुख्य आयोजन
इन कार्यक्रमों का मुख्य आयोजन 23 से 25 नवंबर तक श्री आनंदपुर साहिब में किया जाएगा। यह वही पवित्र स्थान है, जहां से गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने धार्मिक स्वतंत्रता, मानव अधिकारों और सत्य की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान देने का संकल्प लिया था।
श्री बैंस ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इन तीन दिनों के दौरान कीर्तन दरबार, धार्मिक प्रवचन, इतिहास पर प्रदर्शनी, और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही गुरु साहिब की शिक्षाओं पर आधारित विशेष सेमिनार और युवा सम्मेलन भी होंगे।
उमर अब्दुल्ला ने स्वीकार किया निमंत्रण
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पंजाब सरकार के निमंत्रण को स्वीकार करते हुए गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को मानवता की प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का जीवन त्याग, शांति और धार्मिक स्वतंत्रता का प्रतीक है। उनका संदेश हर धर्म, हर समाज और हर इंसान के लिए समान रूप से प्रेरणादायक है।
शहीदी सप्ताह के अन्य आयोजन
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस अवसर पर राज्यभर में विशेष कार्यक्रम होंगे। इनमें दिल्ली, अमृतसर, आनंदपुर साहिब, रोपड़ और कीरतपुर साहिब के पवित्र स्थलों पर धार्मिक सभाएं और श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किए जाएंगे।
इन आयोजनों में गुरु तेग बहादुर जी के साथ उनके अमर सेवकों — भाई मती दास जी, भाई सती दास जी, भाई दियाला जी और भाई जैंता जी (बाबा जीवन सिंह जी) — की शहादत को भी नमन किया जाएगा।
गुरु तेग बहादुर जी की प्रेरणा आज भी प्रासंगिक
गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने धार्मिक स्वतंत्रता और मानव मूल्यों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। उनका बलिदान न केवल सिख इतिहास में, बल्कि पूरे मानव इतिहास में अद्वितीय उदाहरण है।
पंजाब सरकार के अनुसार, इस वर्ष का शहीदी दिवस केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवता और शांति का वैश्विक संदेश देने का अवसर होगा।
श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी वर्ष को पंजाब सरकार श्रद्धा और सम्मान के साथ मना रही है। यह आयोजन न केवल गुरु साहिब की शिक्षाओं को याद करने का अवसर है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सत्य, त्याग और मानवता के मूल्यों से जोड़ने का एक पवित्र प्रयास भी है।
