पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान लोगों को तुरंत मदद देने के लिए शुरू की गई सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) अब हाईवे पर एक अहम भूमिका निभा रही है। फरवरी 2024 से जनवरी 2026 के बीच SSF की टीमों ने 43,983 सड़क हादसों में पहुंचकर 47,386 लोगों की मदद की। इनमें 19,973 लोगों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि 27,413 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
4,100 किलोमीटर सड़क पर निगरानी
SSF को खास तौर पर हाईवे और प्रमुख सड़कों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। इस बल के जवानों को सामान्य कानून-व्यवस्था की ड्यूटी में लगाने के बजाय सड़क हादसों और ट्रैफिक सुरक्षा पर ध्यान देने की जिम्मेदारी दी गई है। करीब 1,600 से ज्यादा प्रशिक्षित पुलिसकर्मी और 144 हाईटेक वाहन इस अभियान का हिस्सा हैं। इनमें लगभग 28 फीसदी महिला पुलिसकर्मी हैं।
6 से 10 मिनट में रिस्पॉन्स
SSF की टीमों को प्रमुख सड़कों पर रणनीतिक तरीके से तैनात किया गया है। पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद टीम औसतन 6 से 10 मिनट में मौके पर पहुंचती है। ‘प्लैटिनम 10 मिनट’ के तहत कोशिश रहती है कि घायल को शुरुआती चिकित्सा सहायता जल्द से जल्द मिल सके।
वाहनों में आधुनिक उपकरण
SSF के हाईटेक वाहनों में स्पीड गन, एल्कोमीटर, ई-चालान मशीन, डैश कैम और फर्स्ट-एड किट जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। जवानों को दुर्घटना की जांच और आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
हादसों में मौतों में आई कमी
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, SSF की निगरानी वाले कुछ प्रमुख मार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं में मौतों में 45 से 48 फीसदी तक कमी दर्ज की गई है। इन मार्गों पर मौतों का आंकड़ा 2023 में 1,955 था, जो 2024 में घटकर 1,016 रह गया।
सिर्फ हादसों तक सीमित नहीं
SSF की टीमें सड़क सुरक्षा के साथ अन्य मामलों में भी लोगों की मदद कर रही हैं। पुलिस के मुताबिक, टीमों ने नशीले पदार्थ और चोरी के वाहन बरामद करने के साथ लोगों की खोई नकदी और सोना वापस दिलाने में भी मदद की है। इसके अलावा आत्महत्या की कोशिश कर रहे लोगों को बचाने, स्कूली बच्चों की सहायता करने और देर रात यात्रा करने वाली महिलाओं व पर्यटकों की मदद के मामले भी सामने आए हैं।
अब 6,000 किलोमीटर तक होगा विस्तार
SSF के दूसरे चरण में इसका कवरेज मौजूदा करीब 5,500 किलोमीटर से बढ़ाकर 6,000 किलोमीटर राज्य सड़कों तक करने की योजना है। आगे ‘विजन SSF-2047’ के तहत ड्रोन, सैटेलाइट डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जियोस्पेशियल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी है।
3D पुलिसिंग मॉडल पर जोर
प्रस्तावित 3D पुलिसिंग मॉडल में ड्रोन और सैटेलाइट इमेजरी के साथ AI आधारित सिस्टम को जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य सड़क पर संभावित जोखिमों की पहले पहचान करना, दुर्घटनाओं पर तेजी से प्रतिक्रिया देना और ट्रैफिक सुरक्षा को ज्यादा प्रभावी बनाना है। पंजाब पुलिस का लक्ष्य भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर तक लाना और सुरक्षित मोबिलिटी को मजबूत करना है।
