भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट का दौर देखने को मिला। बुधवार को अमेरिकी H-1B वीज़ा फीस में बदलाव और विदेशी पूंजी के बहिर्वाह के बीच बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों लाल निशान पर बंद हुए। मिड और स्मालकैप शेयरों में भी लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
बीएसई सेंसेक्स सुबह के कारोबार में 380.48 अंक गिरकर 81,721.62 पर खुला। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 386.47 अंक यानी 0.47% गिरकर 81,715.63 पर बंद हुआ। इसमें 8 स्टॉक्स बढ़े जबकि 22 स्टॉक्स गिरावट में रहे।
एनएसई निफ्टी 106.45 अंक गिरकर 25,063.05 पर खुला और अंत में 112.60 अंक यानी 0.45% गिरकर 25,056.90 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी भी 388 अंक गिरकर 55,121 पर बंद हुआ।
प्रमुख स्टॉक्स का प्रदर्शन
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में सबसे अधिक नुकसान में रहे:
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टेक महिंद्रा
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टाटा मोटर्स
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आईसीआईसीआई बैंक
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भारती एयरटेल
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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज
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एक्सिस बैंक
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टाइटन
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कोटक महिंद्रा बैंक
वहीं, लाभ में रहे स्टॉक्स:
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ट्रेंट
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एनटीपीसी
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एसबीआई (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया)
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एशियन पेंट्स
रुपया और कमोडिटी का हाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 6 पैसे मजबूत होकर 88.69 पर बंद हुआ।
ब्रेंट क्रूड की कीमतें भी 0.28% बढ़कर $67.82 प्रति बैरल पर पहुंच गईं।
वैश्विक बाजार का परिदृश्य
एशियाई बाजारों में mixed रुझान देखने को मिला।
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दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई लाल निशान में बंद हुए।
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चीन का शंघाई SSE और हांगकांग का हैंग सेंग हरे निशान में बंद हुए।
मंगलवार को अमेरिकी बाजार नकारात्मक रुझान के साथ बंद हुए थे। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मुनाफा निकालते हुए 3,551.19 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
