पंजाब सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने साफ शब्दों में कहा है कि ड्यूटी में कोताही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी कड़ी में एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग के चार कर्मचारियों को सेवा से बाहर कर दिया गया है।
चार कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त
जानकारी के मुताबिक, ये कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के लंबे समय तक छुट्टी पर रहे थे। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए विभाग ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की। सेवा से हटाए गए कर्मचारियों में जालंधर और रोपड़ रेंज के तीन एक्साइज एंड टैक्सेशन इंस्पेक्टर और एक क्लर्क शामिल हैं।
अनुशासन तोड़ने पर नहीं मिलेगी राहत
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकारी नौकरी सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी भी है। जनता की सेवा से जुड़ा कोई भी विभाग अगर लापरवाही करेगा, तो सरकार चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने दो टूक कहा कि बिना बताए ड्यूटी से गायब रहना नियमों का सीधा उल्लंघन है और ऐसे मामलों में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
सभी कर्मचारियों के लिए साफ संदेश
इस कार्रवाई के जरिए सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि जवाबदेही, अनुशासन और जिम्मेदारी सरकारी सेवा की बुनियाद हैं। जो कर्मचारी अपने कर्तव्यों को गंभीरता से नहीं लेते, उनके लिए सिस्टम में कोई जगह नहीं है।
सरकार का सख्त रुख जारी रहेगा
वित्त मंत्री ने यह भी संकेत दिए कि आने वाले समय में विभागों की कार्यप्रणाली पर और कड़ी नजर रखी जाएगी। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार का मकसद साफ है—ईमानदार और जिम्मेदार प्रशासन, ताकि जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
