चंडीगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद सुखना झील का जलस्तर 1162.50 मीटर तक पहुंच गया। यह स्तर 1163 मीटर के खतरे के निशान के बेहद करीब था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रविवार दोपहर करीब 3 बजे झील का एक फ्लड गेट खोला गया।
डेढ़ घंटे तक खुला फ्लड गेट
प्रशासन ने करीब डेढ़ घंटे तक फ्लड गेट को 2 इंच तक खोलकर रखा। इस दौरान झील का पानी बहने दिया गया। इसके बाद जलस्तर घटकर 1161 मीटर पर आने के बाद गेट बंद कर दिया गया। खास बात यह है कि इस महीने यह चौथी बार था जब सुखना झील का गेट खोलना पड़ा।
रॉक गार्डन में गिरा पेड़, बड़ा हादसा टला
भारी बारिश के कारण शहर में कई जगह जलभराव और पेड़ों के गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। रॉक गार्डन के वॉटरफॉल एरिया में एक बड़ा पुराना पेड़ गिर गया। हालांकि, गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार दोपहर के बाद भी तेज बारिश की संभावना है। वहीं, 22 और 24 अगस्त को फिर से अच्छी बारिश हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब और पाकिस्तान के ऊपर बने अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर एरिया के कारण आने वाले दिनों में नमी उत्तर भारत की ओर बढ़ेगी। इसका असर चंडीगढ़ और आसपास के राज्यों में भी दिखाई देगा।
इस बार अगस्त में बारिश का नया रिकॉर्ड संभव
1 जून से 17 अगस्त तक चंडीगढ़ में अब तक 701 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य से 13.6 प्रतिशत अधिक है।
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जुलाई में कमजोर मानसून के चलते सिर्फ 211 मिमी बारिश हुई थी।
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जबकि अगस्त की शुरुआत से अब तक 227 मिमी पानी बरस चुका है।
आमतौर पर अगस्त में मानसून कमजोर हो जाता है और बारिश कम दर्ज होती है, लेकिन इस बार स्थिति उलट है। अभी अगस्त के 14 दिन बाकी हैं, और अनुमान है कि यह महीना पूरे मानसून सीजन का सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना साबित हो सकता है।
लगातार बारिश ने चंडीगढ़ के मौसम को भले ही सुहाना बना दिया हो, लेकिन झील का बढ़ता जलस्तर और फ्लड गेट का बार-बार खुलना प्रशासन के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।
