पंजाब में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। राज्य के कई जिलों में गांव-गांव पानी में डूबे हुए हैं और लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। अगस्त के आखिर में शुरू हुई लगातार बारिश ने हालात और खराब कर दिए। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बाढ़ 1988 की ऐतिहासिक बाढ़ से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है।
बारिश का रिकॉर्ड टूटा
मौसम विभाग के मुताबिक, अगस्त से लेकर 2 सितम्बर 2025 तक हुई बारिश ने पिछले 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
- अमृतसर में 60.9 मिमी,
- बठिंडा में 62 मिमी,
- फरीदकोट में 48.8 मिमी और
- फिरोजपुर में 46 मिमी बारिश दर्ज की गई।
चंडीगढ़ और ट्राइसिटी में भी भारी बारिश हुई, जिससे सड़कें नदी जैसी नजर आने लगीं। मौसम विभाग ने 3 सितम्बर तक कई जिलों के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है।
कितनी भयावह स्थिति है?
पंजाब के 22–23 जिलों में 1300 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। लाखों एकड़ फसलें डूब चुकी हैं और घरों से लेकर सड़कें तक बुरी तरह प्रभावित हैं।
- अब तक 26–29 लोगों की मौत हो चुकी है और 3 लोग लापता हैं।
- करीब 2.56 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
- 15,688 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है।
बाढ़ और बारिश ने शिक्षा व्यवस्था पर भी असर डाला है। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 3 सितम्बर तक बंद रखे गए हैं, कुछ जिलों में छुट्टियाँ और आगे बढ़ाई गई हैं।
फसल और ढाँचे का नुकसान
कृषि प्रधान राज्य पंजाब को इस बाढ़ से सबसे बड़ा झटका लगा है।
- कटाई से ठीक पहले करीब 3 लाख एकड़ धान की फसल पानी में डूब गई है।
- हजारों घर, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
- रेलवे सेवाएँ बाधित हैं, कई ट्रेनें रद्द या डायवर्ट करनी पड़ी हैं।
नदियाँ उफान पर
हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश और डैमों से छोड़े गए पानी ने पंजाब की नदियों का जलस्तर खतरनाक बना दिया है।
- सतलुज नदी असाधारण ऊँचाई पर बह रही है।
- ब्यास नदी का बहाव करीब 2 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया है।
- रावी और चेनाब का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 48 घंटों में स्थिति और बिगड़ सकती है।
राहत और बचाव कार्य
हालात से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चल रहा है।
- NDRF की 6 टीमें गुरदासपुर में और अन्य जिलों में 1-1 टीम काम कर रही हैं।
- SDRF, आर्मी, नेवी, एयरफोर्स, BSF और पंजाब पुलिस भी सक्रिय हैं।
- अब तक 506 राहत शिविर, 352 मेडिकल कैंप और 331 पशु चिकित्सा कैंप लगाए गए हैं।
सरकार और राजनीति की हलचल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर बात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने केंद्र से 60,000 करोड़ रुपये की पेंडिंग राशि जारी करने की मांग की है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी केंद्र से विशेष पैकेज की अपील की है।
पंजाब की बाढ़ ने लोगों के जीवन और राज्य की अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुँचाई है। जहां लाखों लोग राहत शिविरों में ठिकाना ढूँढ रहे हैं, वहीं किसान अपनी फसलों के नुकसान से हताश हैं। आने वाले कुछ दिन और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं क्योंकि नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सरकार, सेना और राहत एजेंसियाँ पूरी कोशिश कर रही हैं, लेकिन हालात सामान्य होने में वक्त लगेगा।
