पंजाब इस समय हाल के दशकों की सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। राज्य के 23 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 3.54 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार ने हालात से निपटने के लिए बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया है।
सुरक्षित निकाले गए लोग
राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने जानकारी दी कि अब तक 19,597 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
- सबसे ज्यादा लोग गुरदासपुर (5581) से निकाले गए।
- फिरोज़पुर (3432), अमृतसर (2734), फाजिल्का (2422), होशियारपुर (1615) और कपूरथला (1428) से भी बड़ी संख्या में लोगों को राहत शिविरों तक पहुँचाया गया।
- इसके अलावा पठानकोट, बरनाला, जालंधर, मानसा और मोगा जैसे जिलों से भी सैकड़ों लोगों को बाहर निकाला गया।
राहत शिविर और आश्रय
प्रभावित परिवारों के लिए 174 राहत शिविर बनाए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा शिविर बरनाला (29), पटियाला (26) और गुरदासपुर (25) में हैं। वर्तमान में 5167 लोग इन शिविरों में रह रहे हैं।
- फाजिल्का (1304), होशियारपुर (1041) और फिरोज़पुर (706) के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
- शिविरों में रहने वालों को भोजन, पानी और स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
गाँव और आबादी पर असर
अब तक राज्य के 1400 गाँव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
- गुरदासपुर (324 गाँव), अमृतसर (135), होशियारपुर (119) और कपूरथला (115) सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में हैं।
- कुल 3.54 लाख से अधिक आबादी प्रभावित हुई है। अकेले गुरदासपुर में 1.45 लाख और अमृतसर में 1.17 लाख लोग प्रभावित हैं।
फसल को बड़ा नुकसान
बाढ़ की मार किसानों पर भी पड़ी है।
- अब तक 1.48 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र की फसल डूब चुकी है।
- गुरदासपुर (40,193 हेक्टेयर), मानसा (27,291) और अमृतसर (23,000) सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं।
- धान और अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
राहत और बचाव कार्य
बचाव अभियान में सेना, वायुसेना, नौसेना और एनडीआरएफ की टीमें जुटी हैं।
- राज्य में 23 एनडीआरएफ टीमें काम कर रही हैं।
- इसके अलावा सेना की 12 टुकड़ियाँ, 35 हेलीकॉप्टर और 114 नावें लगातार राहत सामग्री पहुँचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने में लगी हैं।
- बीएसएफ भी सीमा वाले जिलों में मदद कर रही है।
मौतें और नुकसान
1 अगस्त से 2 सितम्बर के बीच 30 लोगों की मौत हो चुकी है।
- सबसे ज्यादा 6 मौतें पठानकोट में हुई हैं और जिले के 3 लोग अभी भी लापता हैं।
- पशुओं और बुनियादी ढांचे का नुकसान भी भारी माना जा रहा है, जिसका आकलन पानी उतरने के बाद किया जाएगा।
पंजाब की यह बाढ़ सिर्फ लोगों के जीवन पर ही नहीं, बल्कि खेती-किसानी और राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा असर डाल रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार राहत और पुनर्वास में जुटी है, लेकिन हालात सामान्य होने में अभी वक्त लगेगा। लोगों से अपील है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें।
