पंजाब के तरणतारन विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई है। चुनाव आयोग के अनुसार, 21 अक्टूबर शाम 5 बजे तक कुल 19 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। अब नामांकन की जांच यानी स्क्रूटिनी की प्रक्रिया बुधवार से शुरू होगी। उम्मीदवारों को 24 अक्टूबर तक अपना नाम वापस लेने का अवसर मिलेगा। इस उपचुनाव में मतदान 11 नवंबर को होगा।
तरणतारन विधानसभा सीट हाल ही में खाली हुई थी। यहां आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कश्मीर सिंह सोहल का तीन महीने पहले निधन हो गया था। इस बार चुनाव मैदान में चार प्रमुख पार्टियों के उम्मीदवार शामिल हैं, इसके अलावा एक खालिस्तान समर्थक पार्टी का भी उम्मीदवार है।
मुख्य उम्मीदवारों में आम आदमी पार्टी से हरमीत सिंह, अकाली दल से सुखविंदर कौर (पूर्व प्रिंसिपल), भाजपा से हरजीत सिंह और कांग्रेस से करणबीर सिंह बुरज शामिल हैं। साथ ही, एक खालिस्तान समर्थक पार्टी के उम्मीदवार मनदीप सिंह भी चुनाव में भाग ले रहे हैं।
चुनाव में कुछ उम्मीदवारों के खिलाफ लंबित कानूनी मामले भी हैं। भाजपा उम्मीदवार हरजीत सिंह संधू पर धमकाने और चोट पहुँचाने के दो आरोप लंबित हैं, हालांकि अभी तक उन पर कोई दोष सिद्ध नहीं हुआ है। वहीं कांग्रेस के करणबीर सिंह बुरज के खिलाफ चंडीगढ़ में एक मामला लंबित है, जो वर्तमान में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
तरणतारन विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां अब तक कुल 6 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं (1997–2022) और यह पहला उपचुनाव है। क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियों में आम तौर पर मुकाबला कड़ा रहता है, और इस बार भी विभिन्न पार्टियों के बीच मुकाबला रोमांचक होने की संभावना है।
चुनाव को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ी हुई है। उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्र में प्रचार कर रहे हैं और जनता से समर्थन की अपील कर रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि यह सीट पारंपरिक रूप से कई पार्टियों के लिए निर्णायक रही है, इसलिए इस उपचुनाव में वोटरों की भूमिका बेहद अहम होगी।
इस उपचुनाव के नतीजे 11 नवंबर को होने वाले मतदान के बाद स्पष्ट होंगे। तरणतारन की जनता इस बार अपने नए प्रतिनिधि को चुनने के लिए उत्साहित है, और सभी पार्टियां इसे जीतने के लिए पूरी तैयारी में हैं।
