भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में एक ओवर ऐसा रहा जिसने पूरे मैच का रुख बदल दिया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने मैच के बाद माना कि 17वां ओवर टीम के लिए सबसे अहम मोड़ साबित हुआ। इस ओवर में लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने 29 रन खर्च कर दिए, जिसके बाद इंग्लैंड ने जीत की ओर तेजी से कदम बढ़ा दिए। उस समय इंग्लैंड को आखिरी चार ओवरों में 49 रन चाहिए थे और मुकाबला दोनों टीमों के बीच बराबरी पर दिखाई दे रहा था।
रवि बिश्नोई का खुलकर किया समर्थन
हालांकि मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने रवि बिश्नोई को हार का जिम्मेदार ठहराने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि मैच किस मोड़ पर हाथ से निकला, लेकिन किसी एक खिलाड़ी पर उंगली उठाना सही नहीं होगा। अय्यर का मानना है कि युवा खिलाड़ी गलतियों से सीखते हैं और बिश्नोई भी इस अनुभव के बाद और मजबूत होकर वापसी करेंगे।
बिश्नोई के लिए रहा मुश्किल दिन
इस मुकाबले में रवि बिश्नोई का दिन बिल्कुल अच्छा नहीं रहा। उन्होंने अपने स्पेल में काफी रन लुटाए और तीन नो-बॉल भी फेंकी, जिससे इंग्लैंड को अतिरिक्त मौके मिले। खासकर 17वें ओवर में लगातार बड़ी हिट्स और अतिरिक्त गेंदों ने भारतीय टीम का दबाव पूरी तरह खत्म कर दिया। यह ओवर इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बन गया।
अय्यर ने बल्लेबाजी की भी तारीफ की
श्रेयस अय्यर ने कहा कि भारत का स्कोर इस विकेट पर काफी अच्छा था और टीम ने जीत के लिए मजबूत लक्ष्य रखा था। उन्होंने तिलक वर्मा की अंतिम ओवरों में खेली गई तेज पारी की भी सराहना की। अय्यर का मानना है कि बल्लेबाजों ने अपना काम अच्छी तरह किया, लेकिन इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दबाव के समय शानदार बल्लेबाजी करते हुए मैच अपने नाम कर लिया।
जैकब बेथेल की पारी बनी जीत की कुंजी
इंग्लैंड की ओर से जैकब बेथेल ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाया। खासतौर पर उन्होंने रवि बिश्नोई के ओवर में बड़े शॉट लगाकर मैच का पासा पलट दिया। उनकी तेज पारी की बदौलत इंग्लैंड ने लक्ष्य हासिल कर लिया और पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी बेथेल की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने मौके का पूरा फायदा उठाया और भारत से मैच छीन लिया।
