पंजाब सरकार ने राज्य के लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत देने वाला ऐलान किया है। अब जिन परिवारों के घर लाल लकीर (गांव की आबादी वाली सीमा) के अंदर आते हैं, उन्हें सरकार मालिकाना हक देने जा रही है। ये फैसला उन परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आया है, जो दशकों से अपने ही घर में मालिक बनने का इंतजार कर रहे थे।
मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने की घोषणा
पंजाब के राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने यह ऐलान किया है। वह हाल ही में पायल क्षेत्र में विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा के कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने क्षेत्रीय विकास कार्यों की समीक्षा की और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ऐसी पहली सरकार बनेगी जो लाल लकीर के भीतर बसे लोगों को मालिकाना अधिकार देगी।
क्या है ‘लाल लकीर’ और इसका महत्व
लाल लकीर आमतौर पर गांवों की उस सीमा को कहा जाता है, जिसके अंदर रिहायशी मकान होते हैं लेकिन कानूनी तौर पर उनकी रजिस्ट्री नहीं होती। कई परिवार सालों से इसी जमीन पर रह रहे हैं लेकिन मालिकाना हक न होने की वजह से वो सरकारी योजनाओं और लोन जैसी सुविधाओं से वंचित रहते हैं।
अब मिलेगा कानूनी अधिकार
राजस्व मंत्री ने कहा कि अब ऐसे सभी परिवारों को उनकी जमीन पर मालिकाना हक दिया जाएगा। इससे वे न सिर्फ अपने घर की रजिस्ट्री करवा सकेंगे, बल्कि भविष्य में उसे बेच भी सकेंगे या विरासत में दे सकेंगे। ये फैसला उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।
ई-रजिस्ट्री से होगा काम आसान
मंत्री मुंडियां ने यह भी बताया कि विभाग की ‘ई-जी रजिस्ट्री’ जैसी स्कीमों से अब जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया बहुत आसान और पारदर्शी हो गई है। कम खर्च में और कम समय में लोग अब अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री करवा पा रहे हैं। जल्दी ही यह व्यवस्था पूरे पंजाब में लागू कर दी जाएगी।
जनता को मिल रही राहत
विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने भी कहा कि मान सरकार आम लोगों की भलाई के लिए काम कर रही है। खासकर गांवों में रहने वाले आम लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है।
इस कदम से पंजाब के लाखों परिवारों को राहत मिलेगी और वे अपने घर को लेकर अब कानूनी तौर पर सुरक्षित महसूस करेंगे।
