पंजाब सरकार द्वारा धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को रोकने के लिए लाया गया “बेअदबी बिल” अब तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। इसी संदर्भ में विधानसभा में गठित 15 सदस्यीय सिलेक्ट कमेटी ने आज अपनी पहली बैठक की। बैठक की अध्यक्षता डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने की।
कमेटी के कार्यक्षेत्र पर हुई चर्चा
बैठक में मुख्य रूप से कमेटी के कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियों पर विचार किया गया। डॉ. निज्जर ने बताया कि इस बिल को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए समाज के हर वर्ग से राय ली जाएगी ताकि किसी प्रकार की कानूनी कमी न रहे।
जनता से लिए जाएंगे सुझाव
कमेटी ने निर्णय लिया है कि आम जनता से सुझाव ईमेल, व्हाट्सऐप और डाक के माध्यम से आमंत्रित किए जाएंगे। सुझाव प्राप्त करने की प्रक्रिया को लेकर रणनीति अगली बैठक में तैयार की जाएगी।
हर सप्ताह होगी बैठक, सब-कमेटी के गठन की संभावना
डॉ. निज्जर ने जानकारी दी कि सिलेक्ट कमेटी की बैठकें हर सप्ताह आयोजित करने की योजना है, जिससे काम की गति बनी रहे। यदि आवश्यकता पड़ी तो एक उप-समिति (सब-कमेटी) का गठन भी किया जा सकता है, जो कुछ विशिष्ट बिंदुओं पर काम करेगी।
सभी 117 विधायकों की राय भी होगी शामिल
कमेटी ने यह भी तय किया है कि पंजाब विधानसभा के सभी 117 विधायकों से इस विषय पर सुझाव लिए जाएंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कानून निर्माण की प्रक्रिया में सभी प्रतिनिधियों की भागीदारी हो और सभी मतों को सम्मान दिया जाए।
बिल में पूर्व की कमियों को दूर करने का प्रयास
डॉ. निज्जर ने स्पष्ट किया कि सरकार की कोशिश रहेगी कि इस बार जो भी बिल बने, वह कठोर, स्पष्ट और व्यावहारिक हो। पिछले प्रयासों में जो कानूनी कमियां रह गई थीं, उन्हें दूर किया जाएगा।
रिपोर्ट स्पीकर को जल्द सौंपी जाएगी
कमेटी की योजना है कि कुछ महीनों के भीतर रिपोर्ट तैयार कर विधानसभा स्पीकर को सौंपी जाए, जिसके बाद इसे आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा।
