पंजाब की भगवंत मान सरकार ने साफ कर दिया है कि पेंशनधारकों के हक से कोई समझौता नहीं होगा। इसी कड़ी में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पेंशनरों के हितों की समीक्षा के लिए बैंकों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि सभी पेंशनधारक पेंशन सेवा पोर्टल पर समय रहते पंजीकरण और ई-केवाईसी पूरी कर सकें।
वित्त मंत्री ने बताया कि अब तक 1 लाख 11 हजार 233 से अधिक पेंशनधारक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रक्रिया की रफ्तार और तेज की जाए, ताकि कोई भी बुजुर्ग पेंशनधारक पीछे न छूटे। सरकार की मंशा है कि हर पात्र व्यक्ति को बिना किसी परेशानी के समय पर पेंशन मिलती रहे।
बैंकों को सख्त निर्देश
बैठक में सभी बैंकों को स्पष्ट बैंक-वार डेडलाइन दी गई है। वित्त मंत्री ने दो टूक कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही, तकनीकी देरी या टालमटोल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर किसी स्तर पर कोताही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बुजुर्गों को मिलेगी विशेष मदद
सरकार ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे बुजुर्ग पेंशनधारकों के लिए अलग से सहायता की व्यवस्था करें, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें डिजिटल प्रक्रिया समझने में दिक्कत आती है। बैंक शाखाओं में सहयोग डेस्क और स्टाफ की तैनाती कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पेंशनधारकों को भटकना न पड़े।
पेंशन जारी रहेगी बिना रुकावट
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भरोसा दिलाया कि पंजीकरण और ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान भी पेंशन का भुगतान बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मान सरकार की प्राथमिकता बुजुर्गों की गरिमा, सुविधा और आर्थिक सुरक्षा है।
सरकार के इस सख्त और संवेदनशील रुख से साफ है कि पंजाब में पेंशनधारकों के अधिकारों को लेकर अब “कोई देरी, कोई बहाना नहीं” की नीति पर काम हो रहा है।
