पिछले साल आई बाढ़ से तरनतारन जिले में हुए इंफ्रास्ट्रक्चर नुकसान की भरपाई के लिए पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रंगला पंजाब सोसाइटी द्वारा चलाए जा रहे मिशन चढ़दीकला के तहत जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में 14 विकास प्रोजेक्ट्स को फाइनेंशियल और एडमिनिस्ट्रेटिव मंज़ूरी दी गई है। इन सभी प्रोजेक्ट्स पर कुल 161 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
CSR और नॉन-CSR कैटेगरी में काम
डिप्टी कमिश्नर तरनतारन राहुल (IAS) ने जानकारी देते हुए बताया कि ये प्रोजेक्ट्स CSR और नॉन-CSR दोनों कैटेगरी के अंतर्गत आते हैं। इनका मकसद बाढ़ से प्रभावित गांवों में शिक्षा, सामाजिक और बुनियादी सुविधाओं को फिर से मजबूत करना है।
CSR कैटेगरी के तहत विकास कार्य
CSR कैटेगरी में कई अहम प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी मिली है। गांव ठठियां खुर्द के सरकारी स्कूल की बाउंड्री वॉल के निर्माण पर 24 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। गांव रायपुर बलिम में सरकारी प्राइमरी स्कूल की इमारत के नवीनीकरण के लिए 21 लाख रुपये मंज़ूर किए गए हैं।
इसके अलावा गांव नंदपुर, लालपुर और तूर में आंगनवाड़ी सेंटरों के लिए 10-10 लाख रुपये खर्च होंगे। गांव रसूलपुर कलां में धर्मशाला के लिए 5 लाख रुपये, गांव असल उत्तर में डिफेंस ड्रेन की सड़क पर 5 लाख रुपये, गांव भूसे के सरकारी स्कूल पर 18 लाख रुपये और गांव बुर्ज की धर्मशाला पर 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
नॉन-CSR कैटेगरी में श्मशान घाटों का विकास
नॉन-CSR कैटेगरी के तहत गांव बनवालीपुर में अनुसूचित जाति (SC) श्मशान घाट पर 6 लाख रुपये खर्च होंगे। इसी तरह गांव मुंडा में श्मशान घाट पर 8 लाख रुपये, गुजरपुर में 6 लाख रुपये और गांव ढुडियावाला में श्मशान घाट पर 8 लाख रुपये की राशि मंज़ूर की गई है। इन कार्यों से ग्रामीण इलाकों में जरूरी सुविधाएं बेहतर होंगी।
समय सीमा तय, जल्द शुरू होगा काम
डिप्टी कमिश्नर राहुल ने बताया कि पंजाब सरकार ने सभी प्रोजेक्ट्स के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इन सभी कार्यों को 28 फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। संबंधित विभागों को जल्द से जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे भी मिलेंगी और मंज़ूरियां
उन्होंने यह भी बताया कि मिशन चढ़दीकला के तहत तरनतारन जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 13 और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी गई है, जिन पर करीब 108 लाख रुपये खर्च होंगे। इन प्रोजेक्ट्स पर भी जल्द काम शुरू किया जाएगा।
ग्रामीण विकास को मिलेगी रफ्तार
इन परियोजनाओं से न सिर्फ बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई होगी, बल्कि शिक्षा, सामाजिक ढांचे और बुनियादी सुविधाओं को भी मजबूती मिलेगी। इससे तरनतारन के ग्रामीण इलाकों में विकास की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।
