मोबाइल रिचार्ज की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए नया प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव के अनुसार, टेलीकॉम कंपनियों को जिन वैधता अवधि (जैसे 7, 28, 56 और 84 दिन) के साथ डेटा वाले प्लान उपलब्ध हैं, उसी अवधि के लिए केवल वॉयस कॉल और SMS वाले प्लान भी उपलब्ध कराने होंगे। इन प्लानों में इंटरनेट डेटा शामिल नहीं होगा, जिससे उनकी कीमत मौजूदा बंडल प्लानों से कम रहने की उम्मीद है।
डेटा की जरूरत नहीं तो अतिरिक्त खर्च भी नहीं
TRAI का कहना है कि देश में बड़ी संख्या में ऐसे मोबाइल उपभोक्ता हैं जिन्हें इंटरनेट डेटा की आवश्यकता नहीं होती। इसके बावजूद उन्हें मजबूरी में डेटा वाले महंगे रिचार्ज प्लान खरीदने पड़ते हैं। नए प्रस्ताव का उद्देश्य ऐसे ग्राहकों को उनकी जरूरत के अनुसार अलग विकल्प उपलब्ध कराना है, ताकि वे केवल कॉलिंग और SMS के लिए भुगतान करें।
इन यूजर्स को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले, बुजुर्ग, ग्रामीण उपभोक्ता और दूसरा सिम सक्रिय रखने वाले लोगों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा। ऐसे उपभोक्ताओं को इंटरनेट डेटा की जरूरत नहीं होती, इसलिए वे कम कीमत में अपनी मोबाइल सेवा जारी रख सकेंगे। TRAI का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प और बेहतर सुविधा मिलेगी।
टेलीकॉम कंपनियों ने जताई आपत्ति
हालांकि, इस प्रस्ताव पर प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों ने आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि मौजूदा 4G और 5G नेटवर्क की तकनीकी संरचना में केवल वॉयस और SMS वाले प्लान लागू करना आसान नहीं है। कंपनियों ने सुरक्षा और तकनीकी चुनौतियों का भी हवाला दिया है। फिलहाल TRAI इस प्रस्ताव पर मिले सुझावों और आपत्तियों की समीक्षा कर रहा है, जिसके बाद अंतिम नियम जारी किए जाएंगे।
सस्ते रिचार्ज की बढ़ी उम्मीद
यदि TRAI का प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू होता है तो लाखों मोबाइल उपभोक्ताओं को बिना डेटा वाले किफायती रिचार्ज प्लान का विकल्प मिल सकता है। इससे उन लोगों का खर्च कम होगा जो केवल कॉल और SMS सेवा का उपयोग करते हैं और अनावश्यक डेटा के लिए अतिरिक्त भुगतान नहीं करना चाहते।
