देश के तीसरे सबसे बड़े औद्योगिक समूह अडानी ग्रुप के शेयरों में बुधवार को जबरदस्त उछाल देखा गया। समूह की सभी 10 सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में तेजी आई, जिससे अडानी ग्रुप के कुल मार्केट कैप में 48,000 करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इस उछाल का सीधा असर समूह के चेयरमैन गौतम अडानी की संपत्ति पर पड़ा।
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, बुधवार को गौतम अडानी की कुल दौलत में 2.74 बिलियन डॉलर (लगभग ₹2.42 लाख करोड़) का इज़ाफ़ा हुआ। इस बढ़ोतरी के साथ अडानी की कुल संपत्ति अब 92.9 बिलियन डॉलर हो गई है। संपत्ति में इस उछाल की वजह से गौतम अडानी ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में एक पायदान ऊपर चढ़कर अब 19वें स्थान पर जगह बना ली है।
इस साल की शुरुआत से अब तक अडानी की संपत्ति में 14.2 बिलियन डॉलर की वृद्धि हुई है। यह दिखाता है कि अडानी समूह के कारोबार में फिर से निवेशकों का भरोसा लौट रहा है, खासकर ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और पोर्ट्स सेक्टर में तेजी के कारण।
दूसरी ओर, भारत और एशिया के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी अभी भी अडानी से एक स्थान ऊपर यानी 18वें नंबर पर हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति बुधवार को 1.24 बिलियन डॉलर बढ़कर 106 बिलियन डॉलर हो गई। इस साल अब तक उनकी संपत्ति में 15.3 बिलियन डॉलर का इज़ाफ़ा दर्ज किया गया है।
भारत के दोनों दिग्गज उद्योगपतियों के बीच यह अंतर अब और कम होता जा रहा है। अडानी समूह की शेयरों में हाल की तेजी से संकेत मिल रहा है कि कंपनी ने निवेशकों का विश्वास फिर से हासिल कर लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीन एनर्जी और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी आने से अडानी ग्रुप का भविष्य और मजबूत होगा।
वहीं, दुनिया के शीर्ष 10 अरबपतियों की सूची में तकनीकी कंपनियों के संस्थापक हावी हैं।
दुनिया के शीर्ष 10 अरबपतियों की सूची (ब्लूमबर्ग 2025 के अनुसार):
- एलन मस्क (टेस्ला) – $472 बिलियन
- लैरी एलिसन (ओरेकल) – $336 बिलियन
- मार्क जुकरबर्ग (मेटा) – $264 बिलियन
- जेफ बेजोस (अमेज़न) – $253 बिलियन
- लैरी पेज (गूगल) – $239 बिलियन
- सर्गेई ब्रिन (गूगल) – $223 बिलियन
- बर्नार्ड अर्नॉल्ट (LVMH) – $197 बिलियन
- स्टीव बालमर (माइक्रोसॉफ्ट) – $186 बिलियन
- जेनसन हुआंग (NVIDIA) – $180 बिलियन
- माइकल डेल (डेल टेक्नोलॉजीज़) – $168 बिलियन
गौतम अडानी और मुकेश अंबानी दोनों अब इस वैश्विक सूची में भारत का नाम ऊँचा कर रहे हैं। अडानी की तेज़ वापसी से यह साबित हो गया है कि भारतीय उद्योग जगत में उनका दबदबा अभी भी बरकरार है।
