पंजाब की सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने घोषणा की है कि राज्य में पहली बार पिछड़ी श्रेणियों के विद्यार्थियों के लिए दो आधुनिक हॉस्टल बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट की पहली किस्त 1.12 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी गई है, जो जल्द ही पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के खाते में भेजी जाएगी, ताकि निर्माण कार्य तुरंत शुरू हो सके।
लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग हॉस्टल
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि ये हॉस्टल पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में बनाए जाएंगे और लड़कों एवं लड़कियों के लिए अलग-अलग होंगे। प्रत्येक हॉस्टल में 100 सीटें होंगी और दोनों का निर्माण कुल 6.99 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। एक हॉस्टल पर 3.49 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
विद्यार्थियों के लिए आधुनिक सुविधाएं
दोनों हॉस्टलों में विद्यार्थियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस कमरे, पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध होंगी। इसका उद्देश्य यह है कि विद्यार्थी बिना किसी असुविधा के अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें।
शिक्षा में आने वाली रुकावटें होंगी दूर
मंत्री ने कहा कि यह योजना पिछड़ी श्रेणियों के विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल निर्माण की दिशा में पंजाब सरकार के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। खासकर दूर-दराज़ इलाकों से आने वाले विद्यार्थियों को रहने की सुविधा देकर उनकी उच्च शिक्षा में आ रही बाधाओं को दूर किया जाएगा।
छात्र-केन्द्रित विकास पर सरकार की प्रतिबद्धता
डॉ. बलजीत कौर ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार छात्र-केंद्रित विकास, आत्मनिर्भरता और क्षमता निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हॉस्टलों की कमी के कारण कई पिछड़ी श्रेणियों के विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते थे, इसलिए सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है।
और भी हॉस्टल निर्माण की योजना
मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि पंजाब सरकार ने राज्य की अन्य उच्च शिक्षा संस्थाओं से नए हॉस्टल निर्माण के लिए प्रस्ताव मंगाए हैं, ताकि राज्यभर के विद्यार्थियों को बेहतर रहने की सुविधा मिल सके।
सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह प्रोजेक्ट केवल बुनियादी ढांचे का विकास नहीं है, बल्कि पिछड़ी श्रेणियों के युवाओं को सामाजिक रूप से सशक्त बनाकर राज्य के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का भी एक बड़ा कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह की पहलें भविष्य में और भी छात्र-हितैषी योजनाओं का रास्ता खोलेंगी।
