ई-20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि E20 नीति से वाहन मालिकों को परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है और एथेनॉल से जुड़े फैसलों पर पुनर्विचार नहीं कर रही।
2.33 लाख हस्ताक्षरों वाली याचिका का दावा
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि E20 पेट्रोल के विरोध में प्रधानमंत्री के नाम चलाए गए ऑनलाइन अभियान पर 2.33 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। उनके अनुसार मंगलवार दोपहर 12 बजे वह 100 लोगों के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री आवास जाकर यह याचिका सौंपने का प्रयास करेंगे। इस दौरान E20 नीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग भी की जाएगी।
AAP ने उठाए कई सवाल
AAP का आरोप है कि E20 पेट्रोल को लेकर उपभोक्ताओं को विकल्प मिलना चाहिए। पार्टी का कहना है कि पेट्रोल पंपों पर शुद्ध पेट्रोल और E20 दोनों उपलब्ध कराए जाएं, ताकि लोग अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन चुन सकें। साथ ही E20 पेट्रोल की कीमत कम रखने की भी मांग की गई है।
एथेनॉल आयात को लेकर भी जताई चिंता
पार्टी ने यह भी दावा किया कि आने वाले वर्षों में बड़ी मात्रा में एथेनॉल आयात किए जाने की तैयारी की जा रही है। इस नीति से देश के उपभोक्ताओं और वाहन मालिकों को क्या लाभ मिलेगा। इन दावों के आधार पर पार्टी ने केंद्र सरकार से पूरे मामले पर स्पष्ट जानकारी देने और नीति की समीक्षा करने की मांग की है। इन दावों पर केंद्र सरकार की ओर से अलग-अलग मौकों पर E20 कार्यक्रम का समर्थन किया गया है और इसे ऊर्जा सुरक्षा तथा एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने की नीति का हिस्सा बताया गया है।
