सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। सोमवार, 3 अगस्त को बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 544.39 अंक (0.70%) की बढ़त के साथ 78,639.03 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी भी मजबूत बढ़त दर्ज करते हुए 24,774.30 के स्तर पर पहुंच गया। यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र है, जब घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ।
इन कारणों से बाजार में लौटी तेजी
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में तेजी के पीछे कई सकारात्मक कारण रहे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत जैसे आयातक देश को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार खरीदारी और कुछ बड़ी कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों ने भी निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीदों ने भी बाजार के माहौल को सकारात्मक बनाया।
आईटी शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा मजबूती
सोमवार के कारोबार में आईटी सेक्टर सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहा। टीसीएस, इंफोसिस और अन्य प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इसके अलावा एविएशन और वित्तीय क्षेत्र के कई शेयरों ने भी बाजार को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि कुछ चुनिंदा सेक्टरों में हल्की मुनाफावसूली भी देखने को मिली।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी
सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। बाजार में खरीदारी का दायरा व्यापक रहा, जिससे अधिकतर सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। यह संकेत देता है कि निवेशकों का भरोसा केवल चुनिंदा कंपनियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापक बाजार में भी सकारात्मक माहौल बना रहा।
अब RBI बैठक और वैश्विक संकेतों पर नजर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति बैठक, वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी। यदि विदेशी निवेश का प्रवाह जारी रहता है और वैश्विक हालात अनुकूल बने रहते हैं, तो बाजार में सकारात्मक रुख आगे भी देखने को मिल सकता है। साथ ही कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
