इजरायल डिफेंस फोर्सेज़ (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई हवाई हमले किए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। इजरायली सेना का कहना है कि यह कार्रवाई हिज़्बुल्लाह द्वारा युद्धविराम के कथित उल्लंघनों के जवाब में की गई है।
तनाव कम होने की उम्मीदों को झटका
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते से क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही थी। माना जा रहा था कि इस समझौते से इजरायल और लेबनान के बीच टकराव भी कम होगा, लेकिन ताजा हमलों ने एक बार फिर हालात को तनावपूर्ण बना दिया है। क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अमेरिका-ईरान वार्ता टली
इस बीच स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित बातचीत को फिलहाल टाल दिया गया है। मंत्रालय ने बताया कि वह दोनों देशों के बीच वार्ता को सुविधाजनक बनाने के लिए तैयार है और आवश्यक तैयारियां जारी हैं। हालांकि नई तारीख को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा रुकी
व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस फिलहाल स्विट्जरलैंड नहीं जाएंगे क्योंकि तकनीकी स्तर की वार्ताओं की योजना अभी अंतिम रूप नहीं ले पाई है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि प्रतिनिधिमंडल तैयार है और जैसे ही बातचीत का कार्यक्रम तय होगा, आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ईरान ने दी सख्त चेतावनी
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने भी बयान जारी कर कहा है कि यदि समझौते का उल्लंघन किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। परिषद ने कहा कि वह बातचीत की प्रक्रिया और समझौते के कार्यान्वयन पर कड़ी नजर रख रही है। ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि किसी भी संभावित उल्लंघन की स्थिति में पहले से तय रणनीति के तहत कदम उठाए जाएंगे।
मध्य पूर्व पर दुनिया की नजर
लेबनान में जारी हमलों और अमेरिका-ईरान वार्ता के टलने के बाद मध्य पूर्व की स्थिति पर वैश्विक समुदाय की नजर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों की दिशा काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
