पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही जंग दिन-ब-दिन और मजबूत होती जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों के तहत राज्य पुलिस ने 278वें दिन भी व्यापक कार्रवाई करते हुए कई इलाकों में छापेमारी की। सरकार का दावा है कि यह अभियान नशे की जड़ों को खत्म करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो रहा है।
एक दिन में 257 जगहों पर रेड
अधिकारियों के अनुसार, पूरे पंजाब में 257 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस ने नशा बेचने वाले गिरोहों और सप्लाई नेटवर्क को निशाना बनाते हुए कई बड़े खुलासे किए।
कार्रवाई के तहत 66 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 57 नए मामले दर्ज किए गए।
भारी मात्रा में नशा बरामद
278वें दिन की कार्रवाई बेहद सफल रही। पुलिस की टीमों ने अलग-अलग जगहों से बड़ी मात्रा में नशा और नशे से जुड़ी वस्तुएँ बरामद कीं।
बरामदगी में शामिल है—
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2.5 किलो हेरोइन
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40 किलो चूरा पोस्त
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387 नशीली गोलियां/कैप्सूल
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700 रुपये ड्रग मनी
हालांकि बरामदगी में मिली ड्रग मनी कम है, पर पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क की सक्रियता और अलग-अलग स्थलों पर फैले तस्करों की गतिविधियों को दर्शाता है।
278 दिनों का रिकॉर्ड: 39,000 से ज़्यादा तस्कर गिरफ़्तार
सरकार के अनुसार, नशामुक्ति अभियान शुरू होने से अब तक 39,175 नशा तस्कर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या यह दिखाती है कि सरकार नशे के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई देने के पक्ष में नहीं है।
पंजाब पुलिस लगातार नशा तस्करों की गतिविधियों पर नज़र रख रही है और भविष्य में और भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
सरकार का लक्ष्य: पूरी तरह नशामुक्त पंजाब
मान सरकार का कहना है कि नशे से पंजाब को बचाने का अभियान केवल पुलिस का नहीं, बल्कि समाज का भी है। सरकार इस लड़ाई को एक सार्वजनिक आंदोलन का रूप देना चाहती है, ताकि युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालकर उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य दिया जा सके।
