आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब सरकार के ‘War on Drugs’ अभियान के पिछले एक साल के आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि नशे के खिलाफ चलाए गए इस अभियान के तहत अब तक 5091 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में 7105 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सरकार का कहना है कि अभियान लगातार सख्ती के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि कार्रवाई के दौरान 3103 किलो हेरोइन, 4 किलो से अधिक स्मैक, 831 किलो अफीम और अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं। इसके अलावा करीब 18 करोड़ 71 लाख रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की गई है। पार्टी का दावा है कि इन कार्रवाइयों से राज्य में नशे के कारोबार पर बड़ा असर पड़ा है।
1 मार्च से अभियान में आई तेजी
AAP नेता ने कहा कि 1 मार्च से शुरू किए गए ‘War on Drugs’ अभियान के बाद कार्रवाई और तेज हुई है। उनके अनुसार, अभियान के नतीजे उत्साहजनक रहे हैं और पुलिस व प्रशासन ने मिलकर नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया है। सरकार का उद्देश्य राज्य को नशा मुक्त बनाना है और इसके लिए विभिन्न एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार की मदद के बिना भी नशे के खिलाफ कई प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 532 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा होने के बावजूद केंद्र सरकार पंजाब की अपेक्षित सहायता नहीं कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा सुरक्षा और नशा तस्करी रोकने के लिए केंद्र की भूमिका और मजबूत होनी चाहिए।
सीमावर्ती राज्य होने का किया जिक्र
AAP नेता ने कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है, इसलिए यहां नशा तस्करी रोकना बड़ी चुनौती है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
