पंजाब को नशा मुक्त बनाने के संकल्प के तहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने नशे के खिलाफ युद्ध को 300 दिन पूरे कर लिए हैं। इन 300 दिनों में पंजाब पुलिस और विशेष एजेंसियों ने ड्रग तस्करों पर ऐसी सख्त कार्रवाई की है, जिससे नशे के नेटवर्क की कमर टूटती नजर आ रही है। सरकार के मुताबिक अब तक कुल गिरफ्तारियों का आंकड़ा बढ़कर 41,881 तक पहुंच चुका है, जो इस मुहिम की गंभीरता को साफ दर्शाता है।
राज्यभर में ताबड़तोड़ छापेमारी
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे लेटेस्ट ऑपरेशन के तहत राज्य में 327 अलग-अलग जगहों पर एक साथ छापे मारे गए। इन कार्रवाईयों के दौरान 84 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि इन छापों का मकसद सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क को खत्म करना है।
मोगा और फिरोजपुर में बड़ी सफलता
मोगा जिले में पुलिस ने 1 किलो हेरोइन के साथ दो बड़े तस्करों को दबोचा। वहीं फिरोजपुर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 3.13 किलो हेरोइन बरामद करते हुए दो अन्य तस्करों को गिरफ्तार किया। बरामद की गई हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
सरकार का सख्त संदेश
मान सरकार ने साफ कर दिया है कि नशा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। सरकार का दावा है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होगा, ताकि पंजाब को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जा सके।
नशे के खिलाफ इस निर्णायक लड़ाई में पुलिस, प्रशासन और आम जनता की भागीदारी से पंजाब एक नई दिशा की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।
