आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के महासचिव और मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने केंद्र सरकार पर किसानों और युवाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आज देश की किसानी और जवानी दोनों सड़कों पर संघर्ष कर रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रही। पन्नू ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सुनना सरकार की जिम्मेदारी होती है, लेकिन मौजूदा हालात इसके विपरीत दिखाई दे रहे हैं।
व्यापार समझौते को बताया किसानों के लिए नुकसानदायक
बलतेज पन्नू ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उनका कहना है कि सरकार ने देश के किसानों और कृषि से जुड़े सहायक व्यवसायों के हितों को नजरअंदाज किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते का सबसे अधिक असर किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। पन्नू ने कहा कि खेती से जुड़े लाखों परिवारों की आजीविका को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
पेपर लीक मामले पर जताई नाराजगी
आप नेता ने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के कारण हजारों मेहनती युवाओं के सपने टूटे हैं। पन्नू का दावा है कि कई विद्यार्थियों ने मानसिक तनाव और निराशा के चलते अपनी जान तक गंवा दी। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के समर्थन में बोले
बलतेज पन्नू ने कहा कि पेपर लीक मामले में न्याय की मांग को लेकर कई दिनों से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ कथित तौर पर सख्ती की गई, जिसकी वह कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाने वाले छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। पन्नू ने केंद्र सरकार से युवाओं को न्याय देने, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
