पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के युवा पढ़ाई और मेहनत के दम पर अपना भविष्य संवारना चाहते हैं, लेकिन बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं से उनके सपने टूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब युवा अपने अधिकार और न्याय की मांग करते हैं तो उन्हें परेशानियों और सख्ती का सामना करना पड़ता है।
‘देश के युवाओं की भी सुनें’
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि वे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं, तो उन्हें अपने ही देश के युवाओं और छात्रों की परेशानियों को भी सुनना चाहिए। उनका कहना था कि लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर निर्भर करता है और इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
किसानों के समर्थन में बोले भगवंत मान
भगवंत मान ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध कर रहे किसानों का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का पूरा लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने हरियाणा सरकार से अपील की कि किसानों को दिल्ली जाकर अपनी मांगें रखने से न रोका जाए।
लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को जबरन रोकना और उनकी आवाज दबाने की कोशिश करना उचित नहीं है। भगवंत मान ने कहा कि युवाओं को निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था और किसानों को अपनी मांग रखने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत किया जा सके।
