दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लूएंजा A(H1N1) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में अब तक दिल्ली में H1N1 के 1,777 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें पिछले 14 दिनों के दौरान ही 433 नए मरीज मिले हैं। अस्पतालों की ओपीडी में भी बुखार, खांसी और सांस से जुड़ी शिकायतों वाले मरीज बढ़े हैं।
मानसून और मौसम में बदलाव बड़ी वजह
AIIMS के डॉक्टरों के अनुसार मानसून के दौरान मौसम में लगातार बदलाव, तापमान में गिरावट, बारिश और उमस फ्लू के फैलने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना सकती हैं। इस मौसम में लोग अक्सर ज्यादा समय बंद कमरों में बिताते हैं। अगर कमरे में हवा का सही आवागमन नहीं है और कोई संक्रमित व्यक्ति मौजूद है, तो वायरस दूसरे लोगों तक आसानी से पहुंच सकता है।
ज्यादा टेस्टिंग से भी बढ़े दिख सकते हैं आंकड़े
डॉक्टरों ने यह भी बताया कि मामलों में बढ़ोतरी का एक कारण अधिक टेस्टिंग हो सकता है। पहले कई मरीजों को सामान्य वायरल बुखार या फ्लू मानकर इलाज किया जाता था, लेकिन अब फ्लू के लक्षण वाले मरीजों की H1N1 जांच ज्यादा हो रही है। इससे संक्रमित मामलों की पहचान पहले की तुलना में अधिक हो सकती है।
बुजुर्ग और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सावधानी
H1N1 का संक्रमण किसी को भी हो सकता है, लेकिन बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं वाले लोगों में जटिलताओं का खतरा ज्यादा हो सकता है। डॉक्टरों ने खासतौर पर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और किडनी जैसी पुरानी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
खांसी-बुखार को नजरअंदाज न करें
स्वाइन फ्लू में बुखार, गले में खराश, नाक बहना, सूखी खांसी, सिरदर्द और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। AIIMS डॉक्टरों ने सलाह दी है कि फ्लू जैसे लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह ली जाए। सांस लेने में परेशानी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
संक्रमण से बचने के लिए सावधानी जरूरी
डॉक्टरों ने हाथों की सफाई रखने, खांसते या छींकते समय मुंह ढकने और बीमार होने पर घर पर रहने की सलाह दी है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल भी संक्रमण फैलने का जोखिम कम करने में मदद कर सकता है।
सरकार ने बढ़ाई निगरानी
मामलों में बढ़ोतरी के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री के साथ स्थिति की समीक्षा की है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, दवाइयों और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता पर नजर रखी जा रही है। इन्फ्लूएंजा के मामलों की रोजाना निगरानी भी की जा रही है।
