महिंदर चौधरी जूलॉजिकल पार्क, छत्तबीड़ में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पंजाब सरकार के अनुसार, वर्ष के पहले आठ महीनों में यहां 3,71,011 पर्यटक पहुंचे। सरकार का कहना है कि यह बढ़ती आमद वन्यजीव संरक्षण और लोगों में प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों का संकेत है।
मार्च और जून में सबसे ज्यादा भीड़
वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि जनवरी में 48,719 पर्यटक छत्तबीड़ पहुंचे। फरवरी में यह संख्या 54,216 रही, जबकि मार्च में 66,377 पर्यटकों के साथ सबसे ज्यादा आमद दर्ज की गई। अप्रैल में 40,168, मई में 33,134 और जून में 71,928 पर्यटक चिड़ियाघर पहुंचे। जुलाई में 35,980 और अगस्त में 20,489 लोगों ने चिड़ियाघर का दौरा किया।
परिवारों के लिए आकर्षण का केंद्र
छत्तबीड़ चिड़ियाघर में पर्यटकों को एक ही जगह पर कई तरह के जंगली जानवरों और पक्षियों को करीब से देखने का अवसर मिलता है। यहां का सुव्यवस्थित वातावरण बच्चों और परिवारों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है। वन्यजीवों को देखने के साथ-साथ पर्यटकों को उनके संरक्षण के बारे में जानकारी भी दी जाती है।
देश का बड़ा वॉक-इन एवियरी
मंत्री लाल चंद कटारूचक्क के अनुसार, चिड़ियाघर में देश का सबसे बड़ा और सबसे लंबा वॉक-इन एवियरी भी प्रमुख आकर्षण बन चुका है। इसमें पर्यटकों को पक्षियों को उनके प्राकृतिक वातावरण के करीब देखने का अनुभव मिलता है। यह सुविधा लोगों, खासकर बच्चों में पक्षियों और वन्यजीवों के प्रति रुचि बढ़ाने में मदद कर रही है।
डायनासोर पार्क भी बना नया आकर्षण
पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए छत्तबीड़ चिड़ियाघर में आधुनिक डायनासोर पार्क भी स्थापित किया गया है। यह पार्क बच्चों के लिए खास आकर्षण का केंद्र है और मनोरंजन के साथ-साथ उन्हें प्राचीन जीवों के बारे में जानने का अवसर देता है।
संरक्षण के साथ जागरूकता पर जोर
मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए लगातार कदम उठा रही है। चिड़ियाघर में किए जा रहे विकास कार्यों का उद्देश्य केवल पर्यटकों को आकर्षित करना नहीं, बल्कि लोगों को वन्यजीवों और पर्यावरण की अहमियत समझाना भी है। सरकार के अनुसार, पर्यटकों की बढ़ती संख्या इस दिशा में लोगों की रुचि और सहयोग को दिखाती है।
