राजस्थान के जयपुर जिले के रामपुरा कंवरपुरा गांव में जिस सरकारी स्कूल में बच्चों की पढ़ाई भैंसों के बाड़े के बीच हो रही थी, अब उसे अस्थायी तौर पर एक मकान में शिफ्ट कर दिया गया है। यह बदलाव स्कूल की खराब स्थिति सामने आने के बाद हुआ। शिक्षा विभाग की सहमति से ग्रामीणों ने बच्चों के लिए जगह उपलब्ध कराई है।
18 बच्चों की पढ़ाई अब घर के कमरे में
शनिवार से स्कूल की कक्षाएं इसी नए स्थान पर शुरू हो गईं। यहां 18 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इससे पहले स्कूल के लिए इस्तेमाल की जा रही जगह में बच्चों के लिए जरूरी सुविधाएं और सुरक्षित माहौल की कमी बताई गई थी। मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से स्कूल को दूसरी जगह ले जाने की मांग की थी।
ग्रामीण ने पढ़ाई के लिए दिया अपना मकान
स्कूल को अस्थायी जगह देने के लिए एक ग्रामीण आगे आए। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए अपने घर की जगह उपलब्ध कराई। उनका कहना है कि स्कूल गांव का है और बच्चे भी गांव के ही हैं। उन्होंने आगे भी स्कूल के लिए सहयोग करने की बात कही है।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान मामला आया सामने
यह मामला उस समय चर्चा में आया जब ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत CJP कार्यकर्ता गांव पहुंचे और स्कूल की स्थिति देखी। इसके बाद स्कूल की व्यवस्था को लेकर विवाद भी हुआ। खबर सामने आने के बाद ग्रामीणों ने स्कूल को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराने की पहल की।
अब स्थायी भवन की उम्मीद
फिलहाल बच्चों की पढ़ाई मकान में चल रही है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि यह व्यवस्था ज्यादा लंबे समय तक नहीं रहेगी और जल्द ही स्कूल के लिए स्थायी भवन उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामीणों ने स्कूल भवन के निर्माण में सहयोग करने की इच्छा भी जताई है।
