पंजाब के मानसा जिले के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल भैणी बाघा में नई लाइब्रेरी स्थापित की गई है। नई लाइब्रेरी में छात्र किताबों के साथ समय बिताकर अपनी पढ़ने की आदत और सामान्य ज्ञान को बेहतर कर सकेंगे।
किताबों के साथ नए सपनों को मिलेगी जगह
नई लाइब्रेरी का उद्देश्य सिर्फ किताबें उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए ऐसा माहौल तैयार करना है जहां वे अपनी रुचि के अनुसार पढ़ सकें और नई चीजें सीख सकें। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए स्कूल में ही बेहतर अध्ययन सुविधा मिलना खास है।
पंजाब के सरकारी स्कूलों में लगातार बदलाव का दावा
भगवंत मान सरकार पिछले कुछ वर्षों से सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे, आधुनिक सुविधाओं और शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रही है। सरकार के अनुसार, Schools of Eminence, स्मार्ट क्लासरूम, शिक्षक प्रशिक्षण और स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम किया गया है। 2026 में सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के बजट को बढ़ाकर ₹19,279 करोड़ करने और 118 Schools of Eminence विकसित करने की जानकारी दी थी।
सरकारी स्कूलों की ओर बढ़ा भरोसा
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने अगस्त 2026 में दावा किया कि 2022 के बाद से करीब 3.6 लाख विद्यार्थी निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में आए हैं। उन्होंने इसे स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर, पढ़ाई के स्तर और शिक्षक प्रशिक्षण में किए गए सुधारों से जोड़कर बताया।
लाइब्रेरी से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद
पंजाब में सरकारी स्तर पर आधुनिक लाइब्रेरी सुविधाओं का विस्तार भी शिक्षा सुधारों का हिस्सा रहा है। बठिंडा में इसी साल 350 सीट वाली वातानुकूलित लाइब्रेरी, डिजिटल और ई-लाइब्रेरी सेक्शन तथा बच्चों के लिए अलग रीडिंग जोन जैसी सुविधाएं शुरू की गई थीं।
भैणी बाघा स्कूल की नई लाइब्रेरी भी विद्यार्थियों को किताबों से जोड़ने और स्कूल के भीतर पढ़ाई का सकारात्मक माहौल बनाने की इसी कोशिश का हिस्सा है।
