पंजाब में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई पिछले कुछ वर्षों में काफी तेज हुई है। सरकारी ई-चालान आंकड़ों के मुताबिक 2021 में 53,973 चालान जारी किए गए थे। यह संख्या 2025 में बढ़कर 20,46,881 हो गई। यानी चार साल में चालानों की संख्या करीब 38 गुना बढ़ी।
2026 में सिर्फ सात महीनों में नया रिकॉर्ड
सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा 2026 का है। साल के शुरुआती सात महीनों में ही पंजाब में 41,37,775 चालान जारी किए जा चुके हैं। यह पूरे 2025 में जारी चालानों की संख्या से दोगुने से भी ज्यादा है। अगर चालानों की यही रफ्तार बनी रही तो साल के अंत तक नया रिकॉर्ड बन सकता है।
2024 में आया बड़ा उछाल
आंकड़ों के अनुसार, 2022 में 51,876 और 2023 में 72,790 चालान जारी हुए थे। इसके बाद 2024 में संख्या अचानक बढ़कर 3,98,000 के करीब पहुंच गई। इसी साल चालानों से करीब ₹54.53 करोड़ की वसूली हुई।
2025 में 20 लाख से ज्यादा चालान
2025 में कार्रवाई और तेज हुई। पूरे साल में 20,46,881 चालान काटे गए और करीब ₹123.04 करोड़ का राजस्व जुटाया गया। इसके मुकाबले 2026 में अब तक चालानों की संख्या दोगुनी से ज्यादा हो चुकी है, लेकिन राजस्व इसका उलटा रुख दिखा रहा है।
चालान बढ़े, लेकिन प्रति चालान कम हुई वसूली
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2024 में प्रति चालान औसत वसूली करीब ₹1,370 थी। 2025 में यह घटकर करीब ₹601 रह गई। 2026 में अब तक प्रति चालान औसत वसूली सिर्फ ₹118 के आसपास रही। इस साल अब तक करीब ₹49.02 करोड़ की वसूली हुई है।
कार्रवाई में बदलाव का संकेत
आंकड़े बताते हैं कि पंजाब में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर निगरानी और चालान की प्रक्रिया काफी तेज हुई है। वहीं चालानों की संख्या और उनसे होने वाली वसूली के बीच बड़ा अंतर यह भी दिखाता है कि बड़ी संख्या में चालान होने के बावजूद प्रति चालान वसूली पहले की तुलना में काफी कम हुई है।
