पंजाब के सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य विषय बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इस ऐतिहासिक पाठ्यक्रम के शुभारंभ के मौके पर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के साथ वरिष्ठ AAP नेता मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यह पहल भविष्य की शिक्षा को नई दिशा देने वाली साबित होगी।
AI का इस्तेमाल ही नहीं, उसे बनाना भी सीखेंगे छात्र
मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य केवल बच्चों को AI का उपयोग करना सिखाना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसे कौशल देना है जिससे वे आने वाले समय में AI Creator बन सकें। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को बदलती तकनीक के अनुरूप तैयार करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है और पंजाब ने इस दिशा में अग्रणी कदम उठाया है।
देश में पहली बार अनिवार्य AI शिक्षा का दावा
सिसोदिया ने कहा कि पूरे देश में, यहां तक कि CBSE के स्कूलों में भी AI अभी तक अनिवार्य विषय नहीं है। जहां इसकी पढ़ाई शुरू हुई है, वहां इसे केवल वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाया जाता है। उनके अनुसार, पंजाब पहला राज्य बन रहा है जिसने AI को सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य विषय के रूप में लागू करने का फैसला किया है।
भविष्य की शिक्षा पर सरकार का फोकस
उन्होंने कहा कि शिक्षा में वास्तविक बदलाव केवल घोषणाओं से नहीं आता, बल्कि दूरदर्शी सोच और मजबूत तैयारी से संभव होता है। उनके मुताबिक पंजाब सरकार आधुनिक तकनीक, बेहतर पाठ्यक्रम और नई शिक्षण व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने पर लगातार काम कर रही है।
