पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग के खिलाफ बड़ा कदम उठाया गया है। दिवंगत पूर्व गृह मंत्री बूटा सिंह पर दिए गए विवादित बयान को लेकर कपूरथला पुलिस थाने में उनके खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि यह एफआईआर बूटा सिंह के बेटे सरबजोत सिंह सिद्धू की शिकायत पर दर्ज की गई है।
विवादित बयान से मचा बवाल
दरअसल, तारणतारन विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान राजा वारिंग ने अपने भाषण में दिवंगत गृह मंत्री बूटा सिंह को लेकर कथित तौर पर जातिवादी टिप्पणी की थी। इस बयान के सामने आने के बाद कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध जताया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी थी।
SC आयोग ने किया था तलब
राजा वारिंग के बयान पर विवाद बढ़ने के बाद एससी आयोग ने उन्हें नोटिस भेजकर तलब किया था। आयोग ने इस बयान को दलित समाज का अपमान बताया था। हालांकि, राजा वारिंग ने इस पूरे मामले में सफाई देते हुए कहा था कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। उन्होंने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी।
बूटा सिंह के बेटे की शिकायत पर FIR
पूर्व गृहमंत्री बूटा सिंह के बेटे सरबजोत सिंह सिद्धू ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि राजा वारिंग के बयान से दलित समाज का अपमान हुआ है और उनके पिता की गरिमा को ठेस पहुंची है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
राजनीतिक हलचल तेज
इस एफआईआर के दर्ज होने के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल मच गई है। कांग्रेस के भीतर भी इस मुद्दे पर असहज माहौल देखने को मिल रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह मामला आने वाले दिनों में राजा वारिंग के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकता है, खासकर जब राज्य में पार्टी संगठन को मज़बूत करने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।
वारिंग ने फिर दी सफाई
इस पूरे विवाद पर राजा वारिंग ने दोबारा सफाई देते हुए कहा कि उनका किसी समुदाय या व्यक्ति की भावना को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर किसी को उनके बयान से दुख हुआ है तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।
