पंजाब के वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने वन विभाग से जुड़ी विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान जंगलात वर्कर यूनियन पंजाब, डेमोक्रेटिक जंगलात मुलाजिम यूनियन पंजाब और पंजाब राज वन विभाग वर्कर यूनियन के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों की सेवा से जुड़े कई मुद्दे और मांगें मंत्री के सामने रखीं। बैठक में इन सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार का भरोसा
बैठक के दौरान मंत्री ने यूनियनों के प्रतिनिधियों की बात ध्यान से सुनी और कहा कि सरकार कर्मचारियों की उचित और जायज मांगों पर सरकारी नियमों के अनुसार सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्ण तरीके से विचार करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए विभाग पूरी गंभीरता से काम करेगा।
कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा का आश्वासन
लाल चंद कटारूचक्क ने बैठक में स्पष्ट किया कि वन एवं वन्यजीव विभाग में वर्तमान में कार्यरत किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार सभी कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा देने के साथ-साथ कार्यस्थल पर सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
मंत्री ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कर्मचारी यूनियनों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें और लंबित मामलों का जल्द से जल्द समाधान करें। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और विभाग के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना जरूरी है ताकि समस्याओं का समय पर निपटारा हो सके। बैठक में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और तीनों कर्मचारी यूनियनों के प्रमुख पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने विभाग और कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने सुझाव साझा किए।
