पंजाब सरकार ने अवैध कॉलोनियों से जुड़े मामलों में लोगों को राहत देने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने बताया कि जिन लोगों के पास 1 एकड़ या उससे अधिक जमीन है, उन्हें बिना नीलामी के रिजर्व प्राइस पर प्लॉट उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान करना है।
25 प्रतिशत निर्माण वाली कॉलोनियां होंगी नियमित
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि जिन अवैध कॉलोनियों में कम से कम 25 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें निर्धारित नियमों के तहत नियमित किया जाएगा। इससे ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कानूनी मान्यता मिलने का रास्ता आसान होगा।
डेवलपर्स के लिए तय किए गए शुल्क
नई नीति के तहत कॉलोनी डेवलपर्स को भी निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। सरकार के अनुसार, रेजिडेंशियल कॉलोनियों के लिए डेवलपर को कलेक्टर रेट का 5 प्रतिशत, जबकि कमर्शियल कॉलोनियों के लिए 10 प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से अवैध कॉलोनियों को नियमानुसार विकसित करने और लोगों को राहत देने की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
