पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए ऐतिहासिक घोषणा की है। उन्होंने आनंदपुर साहिब, अमृतसर के श्री हरिमंदिर साहिब गलियारा और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित करने का निर्णय लिया। यह फैसला राज्य की आस्था, परंपरा और आध्यात्मिक धरोहर को सम्मान देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
पवित्र शहरों में मांस, शराब और तंबाकू पर पूरी तरह प्रतिबंध
सीएम मान ने स्पष्ट किया कि जिन शहरों को पवित्र दर्जा दिया गया है, वहां मीट की दुकानें, शराब के ठेके, तम्बाकू और सिगरेट की बिक्री पूरी तरह बंद होगी। शासन का मानना है कि इन शहरों की पवित्रता और सांस्कृतिक महत्व को बनाए रखने के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं। यह फैसला संगतों और श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है।
सदन में पेश हुआ प्रस्ताव, गुरु साहिबानों की विरासत का किया सम्मान
मुख्यमंत्री ने सदन में इस प्रस्ताव को रखते हुए कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की अमर कुर्बानी और गुरु गोबिंद सिंह जी के संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकता। आनंदपुर साहिब वह पवित्र धरती है जहां खालसा पंथ की स्थापना हुई और गुरुओं ने अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई।
उन्होंने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह जी लगभग 30 साल तक इस धरती पर रहे और उनके चार साहिबजादों में से तीन का जन्म यहीं हुआ। यह शहर इतिहास और वीरता की अनमोल कहानियों का साक्षी है।
पंजाब में तीन तख्त, निर्णय बना और भी महत्वपूर्ण
सीएम मान ने कहा कि सिख धर्म के पांच प्रमुख तख्तों में से तीन पंजाब की इस धरती पर स्थित हैं। ऐसे में इन शहरों को पवित्र का दर्जा देकर उनकी गरिमा और महत्व को और भी मजबूत किया गया है। यह निर्णय भक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा हेतु लिया गया है।
केजरीवाल ने बताया ऐतिहासिक फैसला
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे पंजाब के इतिहास का “स्वर्णिम दिन” बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम न सिर्फ धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का भी एक बड़ा प्रयास है।
धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए बनेगी सर्व धर्म कमेटी
सीएम मान ने कहा कि पवित्र शहरों के धार्मिक स्थलों के प्रबंधन और सुरक्षा के लिए एक सर्व धर्म कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें सभी धर्मों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि इन शहरों में सफाई व्यवस्था, सुरक्षा और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष बजट जारी किया जाएगा और केंद्र सरकार से भी फंड की मांग की जाएगी।
