पंजाब सरकार ने किसानों के कल्याण और मंडियों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने आज मार्किट कमेटी चीमा की विभिन्न अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों में स्टील कवर शेड्स के निर्माण के लिए करीब 1 करोड़ 32 लाख रुपये के निवेश के साथ नींव पत्थर रखे। इन प्रोजेक्ट्स को दो माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
ढड्डरियां की अनाज मंडी में नींव पत्थर रखने के अवसर पर मंत्री ने कहा कि इन शेड्स के माध्यम से खरीद सीज़न के दौरान किसानों और उनकी उपज को मौसम की प्रतिकूल स्थितियों से सुरक्षित रखा जाएगा। इसके अलावा, मंडियों का संचालन भी सुचारू और प्रभावी रहेगा।
इस विकास प्रोजेक्ट के तहत तीन बड़े शेड (100’x50′) अनाज मंडी झाड़ों, ढड्डरियां और शेरों में लगभग 31.66 लाख रुपये की लागत से बनाए जाएंगे। इसके अलावा, पांच मध्यम आकार के शेड (35’x35′) दियालगढ़, शाहपुर कलां, तोलावाल, तोगावाल और लोहा खेड़ा मंडियों में लगभग 7.35 लाख रुपये की लागत से निर्मित किए जाएंगे।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार मंडियों के विकास और किसानों की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि समय पर स्टील शेड्स में निवेश से अचानक बारिश या खराब मौसम के दौरान आने वाली समस्याओं को कम किया जा सकेगा और किसानों तथा खरीद एजेंसियों दोनों को लंबे समय तक लाभ मिलेगा।
अरोड़ा ने बताया कि पंजाब, एक कृषि प्रधान राज्य होने के नाते, खरीद नेटवर्क को निरंतर मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे प्रोजेक्ट्स किसानों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं और मंडियों के संचालन को प्रभावी बनाते हैं।
इस मौके पर मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि मंडियों में झोने की खरीद के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं और किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के मद्देनजर पंजाब सरकार ने केंद्र से निवेदन किया है कि झोने की खरीद के लिए नमी संबंधी नियमों में ढील दी जाए, ताकि दाना खराब न हो और नुकसान कम से कम हो।
अरोड़ा ने किसानों से अपील की कि पराली को आग लगाने से बचाएं और सरकार द्वारा मुहैया कराई गई पराली प्रबंधन मशीनरी का अधिकतम उपयोग करें। सीएनजी और सीपीजी के कई प्लांट लगे हैं, जहां किसान पराली देकर लाभ कमा सकते हैं।
इस अवसर पर मंडियों के अधिकारी, मार्किट कमेटी के सदस्य, स्थानीय किसान और नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे। सभी ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया और लंबे समय से लंबित बुनियादी ढांचे से जुड़ी मांगों के समाधान के लिए सरकार का धन्यवाद किया।
