जिला उपायुक्त (डीसी) डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने सभी एसडीएम को सख्त निर्देश दिए हैं कि बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान की तुरंत जांच की जाए। उन्होंने कहा कि घरों, फसलों और पशुधन को हुए नुकसान का पूरा ब्यौरा तैयार कर दो दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपना अनिवार्य होगा।
प्रभावित नागरिकों को समय पर राहत
डीसी ने स्पष्ट किया कि प्रभावित नागरिकों के लिए राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है। उन्होंने जिला माल अधिकारी (डीआरओ) को कहा कि एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों तक मुआवज़ा और राहत सामग्री समय पर पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी पात्र नागरिक इस मदद से वंचित न रह पाए।
सरकारी विभागों को सक्रिय किया गया
डॉ. अग्रवाल ने एसडीएम से कहा कि वे माल विभाग, नगर निगम, नगर परिषद, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी और ब्लॉक विकास अधिकारियों के साथ मिलकर बाढ़ और बारिश से हुए नुकसान का सर्वे करें। इसमें सड़कों, सार्वजनिक इमारतों और अन्य ढांचे को हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट दो दिनों के भीतर पेश की जानी चाहिए।
सड़कों और इमारतों की होगी मरम्मत
डीसी ने पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर तुरंत कार्रवाई की जाए और खराब हुई सड़कों व सार्वजनिक इमारतों की मरम्मत का काम शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को यातायात और आवाजाही में आने वाली दिक्कतें कम होंगी।
ड्रेनेज सिस्टम पर भी फोकस
डॉ. अग्रवाल ने ड्रेनेज से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी रिपोर्ट दो दिनों में तैयार करने के आदेश दिए। उन्होंने नगर निगम आयुक्त को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर में खराब सड़कों, टूटे-फूटे ड्रेनेज सिस्टम और सरकारी इमारतों की मरम्मत तुरंत शुरू की जाए ताकि नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित हो सके।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
डीसी ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और हर कदम पर जनता के साथ खड़ा है। प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे टीमों की तैनाती की जा चुकी है, जो नुकसान का सही आकलन कर रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला प्रशासन ने बारिश और बाढ़ प्रभावित नागरिकों की मदद के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। आने वाले दिनों में राहत और पुनर्वास कार्य और भी तेज़ी से आगे बढ़ाए जाएंगे।
