स्कूल खुलने के साथ ही पंजाब सरकार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘सेफ स्कूल व्हीकल पॉलिसी’ के सख्त पालन पर जोर दिया है। इस नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को केवल सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप वाहन ही उपलब्ध हों। सरकार ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग को नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही को रोका जा सके।
मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने साझा किए आंकड़े
पंजाब की कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अप्रैल और मई के दौरान राज्यभर में 1,842 स्कूल बसों की जांच की गई। जांच के दौरान सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाली 526 बसों के चालान किए गए, जबकि गंभीर अनियमितताओं के कारण 3 स्कूल बसों को जब्त भी किया गया। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्कूलों और परिवहन संचालकों को निर्देश
मंत्री ने कहा कि सभी स्कूल प्रबंधन, बस संचालकों और संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्कूल वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो। फिटनेस सर्टिफिकेट, प्रशिक्षित चालक, स्पीड गवर्नर, प्राथमिक उपचार किट और अन्य जरूरी सुरक्षा सुविधाओं की नियमित जांच की जा रही है। स्कूल दोबारा खुलने के साथ निरीक्षण अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंचने और घर लौटने का अधिकार है। इसी उद्देश्य से सेफ स्कूल व्हीकल पॉलिसी को पूरे राज्य में सख्ती से लागू किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहनों और संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता न हो।
