10 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार वापसी करते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी। बीएसई सेंसेक्स 827.57 अंक (1.08%) की बढ़त के साथ 77,569.39 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 24,206.90 के स्तर पर पहुंच गया। दो दिन पहले आई बड़ी गिरावट के बाद बाजार में यह तेजी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
TCS के नतीजों से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी TCS के बेहतर तिमाही नतीजे रहे। कंपनी के मजबूत प्रदर्शन ने पहली तिमाही के कॉर्पोरेट रिजल्ट सीजन की अच्छी शुरुआत की, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इसके बाद आईटी शेयरों में खरीदारी तेज हुई और इसका सकारात्मक असर पूरे बाजार पर देखने को मिला।
वैश्विक संकेत और विदेशी निवेशकों का मिला साथ
विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी भारतीय शेयर बाजार को मजबूती दी। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार खरीदारी ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाए रखा। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद निवेशकों ने भारतीय बाजार में भरोसा दिखाया, जिससे प्रमुख सूचकांकों में अच्छी बढ़त दर्ज हुई।
ज्यादातर सेक्टरों में रही खरीदारी
शुक्रवार के कारोबार में आईटी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, रियल्टी और मिडकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार की व्यापक मजबूती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अधिकांश सेक्टर हरे निशान में कारोबार समाप्त करने में सफल रहे।
निवेशकों की संपत्ति में ₹6 लाख करोड़ का इजाफा
शेयर बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब ₹6 लाख करोड़ का इजाफा हुआ। पिछले सत्र की भारी गिरावट के बाद यह उछाल निवेशकों के लिए राहत लेकर आया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। यदि कॉर्पोरेट नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहते हैं, तो बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
