पंजाब सरकार ने राज्य के युवाओं को नशे की लत से बचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने फाजिल्का के अरणीवाला में एक सरकारी स्कूल से नशा विरोधी सिलेबस की शुरुआत की। इस अवसर पर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस भी उपस्थित रहे।
कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ाया जाएगा विशेष सिलेबस
यह विशेष सिलेबस कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए लागू किया गया है। इसका उद्देश्य न केवल छात्रों को खुद नशे से दूर रखना है, बल्कि उन्हें अपने आस-पास के लोगों को भी नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह पहल पंजाब के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचा बेहतर: शिक्षा मंत्री
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि अब पंजाब के सरकारी स्कूलों की स्थिति पहले से काफी बेहतर हो चुकी है। प्रत्येक स्कूल में चारदीवारी, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा गार्ड, बसें और मुफ्त किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी स्कूलों के छात्रों का परीक्षा परिणाम भी बेहतर रहा है और राष्ट्रीय स्तर पर पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में पहला स्थान प्राप्त हुआ है।
नशे की शुरुआत और राजनीतिक पृष्ठभूमि पर उठाए सवाल
हरजोत सिंह बैंस ने विधान सभा के दौरान किए गए अपने अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि 20–30 साल पहले पंजाब में शहीदों और खिलाड़ियों की पहचान हुआ करती थी, लेकिन 2009 के बाद नशे का दौर शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि 2009 में नशे की लत वाले लोगों की संख्या कुछ हज़ार थी, जो 2015 तक बढ़कर 9.5 लाख तक पहुंच गई। उन्होंने इसके लिए उस समय की राजनीतिक व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया।
पंजाबी गीतों में नशे की महिमा पर जताई चिंता
शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज के दौर में पंजाबी गीतों में भी नशे का महिमामंडन हो रहा है, जो समाज की स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने एक मशहूर गायक के गीत का हवाला देते हुए कहा, “सरकारें ही बेचती हैं तो चिट्टा सरेआम बिकता है।” उन्होंने कहा कि कभी पंजाब का रंग केसरिया और बंसती हुआ करता था, जो अब सफेद (चिट्टा) हो गया है। इस स्थिति को बदलना हमारी जिम्मेदारी है।
23 हजार से अधिक नशा तस्कर गिरफ्तार, 600 करोड़ की संपत्ति जब्त
बैंस ने जानकारी दी कि ‘युद्ध नशे के खिलाफ’ मुहिम के तहत अब तक 23,000 से अधिक नशा तस्करों को जेल भेजा गया है और 600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की गई हैं। उन्होंने कहा कि नशे की लत से ग्रसित लोगों का इलाज चल रहा है लेकिन नशा बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
शहीद भगत सिंह को समर्पित होगी यह पहल
कार्यक्रम के अंत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि यदि यह प्रयास सफल होता है तो यह शहीद भगत सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि इस दलदल से बाहर निकलने के लिए स्कूली शिक्षा में यह पहल बेहद जरूरी है और सरकार इसे गंभीरता से लागू कर रही है।
