असम में BJP की बड़ी जीत के बाद Himanta Biswa Sarma ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। गुवाहाटी में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे।
NDA सरकार का लगातार तीसरा कार्यकाल
असम में यह NDA सरकार का लगातार तीसरा कार्यकाल है। 2016 में पहली बार BJP के नेतृत्व में सरकार बनी थी, जब Sarbananda Sonowal मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद 2021 में हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य की कमान संभाली और अब 2026 में फिर से मुख्यमंत्री बने हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार BJP और उसके सहयोगियों ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल किया। BJP ने अपने दम पर बड़ी संख्या में सीटें जीतीं और सहयोगी दलों के साथ मिलकर सरकार बनाई।
कौन-कौन बने मंत्री?
हिमंत बिस्वा सरमा के साथ कई नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरन बोरो और अजंता नियोग जैसे नाम शामिल हैं। नई सरकार में अनुभवी और नए चेहरों का मिश्रण देखने को मिला है।
कांग्रेस छोड़ BJP में आए थे हिमंत
हिमंत बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। बाद में वे कांग्रेस में शामिल हुए और 2001 में पहली बार विधायक बने।
2015 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर BJP का दामन थाम लिया। उस समय असम में BJP बहुत मजबूत स्थिति में नहीं थी, लेकिन हिमंत सरमा ने रणनीतिक तरीके से पार्टी को पूर्वोत्तर में मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई।
पूर्वोत्तर में BJP को मजबूत करने का श्रेय
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि पूर्वोत्तर भारत में BJP के बढ़ते प्रभाव के पीछे हिमंत बिस्वा सरमा की रणनीति का बड़ा योगदान है। उन्हें 2016 में नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (NEDA) का संयोजक बनाया गया था। इसके बाद उन्होंने कई क्षेत्रीय दलों को NDA के साथ जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
शिक्षा और निजी जीवन
हिमंत बिस्वा सरमा की शुरुआती शिक्षा गुवाहाटी में हुई। उन्होंने कॉटन कॉलेज से राजनीति विज्ञान में BA और MA किया। इसके बाद गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से LLB की पढ़ाई पूरी की और कुछ समय तक गुवाहाटी हाईकोर्ट में वकालत भी की।
साल 2006 में उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री हासिल की। छात्र राजनीति से शुरू हुआ उनका सफर आज असम की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है।
