देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को रद्द कर दिया गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका के बाद यह बड़ा फैसला लिया। अब इस मामले की जांच CBI को सौंपी गई है और लाखों छात्रों को दोबारा परीक्षा का इंतजार है।
22 लाख से ज्यादा छात्र प्रभावित
NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया था। लेकिन परीक्षा के कुछ दिनों बाद ही पेपर लीक की खबरें सामने आने लगीं। जांच एजेंसियों को ऐसे “गेस पेपर” मिले जिनके कई सवाल असली परीक्षा से मेल खाते बताए गए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र और कई अन्य राज्यों में पेपर लीक नेटवर्क फैलने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि कुछ सवाल परीक्षा से पहले ही अलग-अलग जगहों पर पहुंच चुके थे।
कैसे सामने आया पेपर लीक मामला?
जानकारी के अनुसार राजस्थान पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को 7 मई के आसपास ऐसे दस्तावेज मिले जिनमें करीब 100 से ज्यादा सवाल असली NEET पेपर से मिलते थे। इसके बाद जांच तेज हुई और कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह “गेस पेपर” कोचिंग सेंटरों और कुछ छात्रों तक पहले ही पहुंच चुका था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर लीक प्रिंटिंग स्टेज पर हुआ या किसी अन्य स्तर पर।
NTA ने क्या कहा?
NTA ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए NEET UG 2026 को रद्द करना जरूरी था। एजेंसी ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट और जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया।
NTA ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। पहले से जमा आवेदन और परीक्षा केंद्र की जानकारी दोबारा परीक्षा में मान्य रहेगी। नई परीक्षा तारीख और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी जल्द जारी की जाएगी।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों छात्र और उनके परिवार चिंता में हैं। कई छात्रों ने महीनों की तैयारी के बाद परीक्षा दी थी और अब उन्हें फिर से परीक्षा का सामना करना पड़ेगा। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने से मेडिकल एडमिशन प्रक्रिया में भी देरी हो सकती है। काउंसलिंग और कॉलेज दाखिले की तारीखों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज
पेपर लीक विवाद के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और NTA पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस समेत कई दलों ने इसे परीक्षा प्रणाली की बड़ी विफलता बताया है। वहीं सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और परीक्षा प्रणाली को और सुरक्षित बनाया जाएगा।
