राजधानी दिल्ली में आज विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (Indian National Developmental Inclusive Alliance) के सांसदों ने चुनाव आयोग की ओर मार्च करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। इस मार्च का उद्देश्य बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित “वोट चोरी” के खिलाफ विरोध जताना था।
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, संजय राउत, सागरिका घोष समेत कई बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया। ये नेता संसद भवन से भारत के चुनाव आयोग तक मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में उन्हें रोक दिया।
इस विरोध मार्च में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक (DMK) सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। मार्च में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के अलावा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी नजर आए। सभी नेता सिर पर सफेद टोपी पहने हुए थे, जिस पर ‘SIR’ और ‘वोट चोरी’ लिखा था और इन शब्दों पर लाल रंग का क्रॉस बना हुआ था, जो उनके विरोध का प्रतीक था।
मार्च के दौरान सांसदों ने नारेबाज़ी की और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। विपक्ष का कहना है कि बिहार में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है और लोगों के वोट अधिकार को जानबूझकर छीना जा रहा है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान धारा 144 लागू थी और बिना अनुमति मार्च निकालने पर कार्रवाई की गई। हिरासत में लिए गए नेताओं को कुछ घंटों बाद रिहा किए जाने की संभावना है।
यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब देश में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वे इस मुद्दे को संसद से सड़क तक उठाएंगे।
