इंडिगो एयरलाइंस की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने और लगातार ऑपरेशनल दिक्कतें आने के बाद अब मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर होता जा रहा है। हजारों यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए संसद की परिवहन, पर्यटन और नागरिक उड्डयन से जुड़ी स्थायी समिति ने इंडिगो, सभी प्रमुख एयरलाइंस, DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों को तलब करने का फैसला किया है।
लगातार उड़ान रद्द, यात्रियों का सब्र जवाब
देश के कई बड़े एयरपोर्ट्स पर इंडिगो की फ्लाइट्स लगातार कैंसिल हो रही हैं। दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में स्थिति और भी खराब रही, जहाँ बड़ी संख्या में उड़ानें अंतिम समय में रद्द की गईं। इससे यात्रियों को न सिर्फ घंटों फंसे रहना पड़ा, बल्कि कई ने महंगे दाम पर दूसरे टिकट भी खरीदने पड़े।
संसदीय समिति हुई सख्त
कई यात्रियों ने अपनी शिकायतें सीधे सांसदों तक पहुँचाईं, जिसके बाद समिति ने तुरंत कदम उठाए। समिति के अध्यक्ष संजय कुमार झा इस पूरे मामले पर विस्तृत चर्चा करेंगे और सभी संबंधित पक्षों से जवाब मांगे जाएंगे।
समिति यह भी जांच करेगी कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए क्या ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही यह सवाल भी उठेगा कि उड़ानें रद्द होने के दौरान एयरलाइंस ने अचानक किराए क्यों बढ़ा दिए।
DGCA की कार्रवाई: CEO को नोटिस
इंडिगो की स्थिति पर DGCA ने कड़ा रुख अपनाते हुए एयरलाइन के CEO पीटर एल्बर्स और अकाउंटेबल मैनेजर इसिड्रो पोर्केरस को शो-कॉज नोटिस जारी किया है।
नियामक का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर ऑपरेशनल फेल्योर प्लानिंग और रिसोर्स मैनेजमेंट की भारी चूक को दर्शाता है। साथ ही यात्रियों को भोजन, ठहरने और अनिवार्य जानकारी न देने को भी गंभीर उल्लंघन माना गया है।
मंत्रालय भी नाराज, हाई लेवल कमेटी गठित
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अब तक इंडिगो के दिए स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं हैं। इसी कारण एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है, जो 15 दिनों में पूरी रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
मंत्री के. राममोहन नायडू ने इंडिगो अधिकारियों के साथ बैठक कर FDTL नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
इंडिगो की सफाई: नेटवर्क ‘रीबूट’ कर रहे
इंडिगो ने बयान में कहा कि वे अपने नेटवर्क को “रीबूट” करने के लिए कुछ उड़ानें रद्द कर रहे हैं। कंपनी का दावा है कि ज्यादा से ज्यादा डेस्टिनेशन पर सेवाएं फिर से सामान्य की जा रही हैं और जल्द ही सभी जगह उड़ानें बहाल होंगी। एयरलाइन ने यात्रियों से माफी भी मांगी है।
रेलवे आया मदद के लिए
फ्लाइट्स कैंसिल होने के कारण अचानक बढ़ी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 89 विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। अगले तीन दिनों में ये ट्रेनें 100 से ज्यादा फेरे लगाएँगी, ताकि यात्रियों को यात्रा में राहत मिल सके।
सरकार ने किराए पर लगाई अस्थायी रोक
सरकार ने इकोनॉमी क्लास टिकटों पर अस्थायी किराया सीमा तय कर दी है, जो 7,500 से 18,000 रुपये के बीच होगी। वहीं एयरलाइंस को निर्देश दिए गए हैं कि रद्द फ्लाइट्स का रिफंड तुरंत दिया जाए।
