पंजाब तेजी से निवेशकों के लिए एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। हाल ही में राज्य में ₹60,256 करोड़ का निवेश आकर्षित हुआ है, जो औद्योगिक विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। उद्योग मंत्री संजेव अरोड़ा ने बताया कि यह निवेश राज्य की मजबूत नीतियों और बेहतर माहौल का परिणाम है।
एमएसएमई की अहम भूमिका
इस निवेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग यानी MSME सेक्टर की बड़ी भूमिका रही है। मंत्री के अनुसार, औद्योगिक नौकरियों में करीब 30% योगदान MSME का है। इससे साफ होता है कि छोटे और मध्यम उद्योग पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बने हुए हैं और रोजगार बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
आसान हुई औद्योगिक मंजूरी प्रक्रिया
राज्य सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई सुधार किए हैं। PSIEC के माध्यम से अब औद्योगिक मंजूरी की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। इससे निवेशकों को तेजी और पारदर्शिता के साथ अनुमति मिल रही है।
साथ ही, जिला स्तर पर शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत किया गया है, जहां समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा रहा है।
बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान
सरकार ने व्यापार को आसान बनाने के लिए सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास पर भी जोर दिया है। बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाएं निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
नई औद्योगिक नीति और भविष्य की योजना
नई औद्योगिक नीति के तहत सरकार ने ₹10 करोड़ तक के हरित प्रोत्साहन (ग्रीन इंसेंटिव) का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल उद्योगों को बढ़ावा देना है।
इसके अलावा, राज्य ने भविष्य में ₹75,000 करोड़ के निवेश का लक्ष्य तय किया है, जिससे पंजाब को एक मजबूत औद्योगिक हब बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
