NEET-UG पेपर लीक विवाद अब केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। संसद से लेकर सड़कों तक इस मामले को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी टकराव की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष लगातार केंद्र सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
विपक्ष का हमला, इस्तीफे की मांग तेज
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत है तथा इस पूरे मामले की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
सरकार ने संसद में चर्चा पर जताई सहमति
बढ़ते विवाद के बीच केंद्र सरकार ने संसद में NEET पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए सहमति दे दी है। सरकार का कहना है कि वह किसी भी नियम और तय अवधि के अनुसार इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। इस फैसले के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि संसद में परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और सुधारों को लेकर व्यापक बहस होगी।
प्रदर्शन जारी, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई स्थानों पर छात्र संगठनों और विभिन्न समूहों का प्रदर्शन जारी है। कुछ स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान तनाव और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं भी सामने आई हैं। हालात को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सरकार ने सुधारों का दिया भरोसा
इस पूरे विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पेपर लीक के मामलों में तेजी से सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने की घोषणा की है। दूसरी ओर विपक्ष का कहना है कि केवल नई घोषणाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि जिम्मेदारी तय कर परीक्षा प्रणाली में स्थायी सुधार करना भी जरूरी है।
