त्योहारों का जोश खत्म होते ही कीमती धातुओं की चमक भी मंद पड़ गई है।
कुछ ही दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।
डॉलर की मजबूती और वैश्विक बाजारों में कमजोरी के चलते सोने की कीमत लगभग ₹12,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹36,000 प्रति किलो तक लुढ़क गई है।
अब सवाल यह है — क्या यह खरीदारी का सही समय है या कीमतें अभी और नीचे जाएंगी?
सिर्फ 12 दिन में सोने ने गवाए ₹12,831
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक,
17 अक्टूबर को 24 कैरेट सोना ₹1,30,874 प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई पर था।
लेकिन महज़ 12 दिन में यह गिरकर ₹1,18,043 पर आ गया — यानी ₹12,831 की भारी गिरावट।
वहीं, चांदी 14 अक्टूबर को ₹1,78,100 प्रति किलो के स्तर पर थी,
जो अब घटकर ₹1,41,896 रह गई — यानी करीब ₹36,000 की गिरावट।
इससे साफ है कि निवेशक अब “रुको और देखो” की नीति अपना रहे हैं।
दिनभर के कारोबार में भी जारी रहा दबाव
मंगलवार को दिनभर सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रहा।
दोपहर में सोना ₹1,19,164 पर था, जो शाम तक गिरकर ₹1,18,043 रह गया —
सिर्फ पांच घंटे में ₹1,121 का नुकसान।
सोमवार के मुकाबले कीमत ₹3,034 कम रही।
वहीं, चांदी ₹1,504 घटकर ₹1,41,896 प्रति किलो पर बंद हुई।
MCX पर सोना कमजोर, चांदी में हल्की रिकवरी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर 2025 की डिलीवरी वाला सोना
1.26% गिरकर ₹1,19,429 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
ट्रेडिंग के दौरान न्यूनतम ₹1,17,628 और अधिकतम ₹1,20,106 रहा।
दूसरी ओर, चांदी में मामूली सुधार देखा गया —
0.27% की बढ़त के साथ यह ₹1,43,750 प्रति किलो पर बंद हुई।
विशेषज्ञों की राय: घबराएं नहीं, यह ‘स्वस्थ सुधार’ है
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह गिरावट किसी संकट का संकेत नहीं,
बल्कि एक सामान्य करेक्शन (Correction) है।
डॉलर की मजबूती, वैश्विक मुनाफावसूली और व्यापारिक अस्थिरता के चलते दबाव बढ़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोना ₹1.15 लाख तक गिर सकता है,
लेकिन लंबे समय में इसकी कीमत फिर से बढ़ने की पूरी संभावना है।
उनका कहना है — “जो निवेशक लॉन्ग-टर्म नजरिया रखते हैं,
उनके लिए यह खरीदारी का सुनहरा मौका हो सकता है।”
